Sharad Pawar NCP merge with Congress: मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस नेतृत्व ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Sharad Pawar NCP merge with Congress: इसी बीच शरद पवार खेमे के लिए एक और चुनौती सामने आती दिखाई दे रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि एनसीपी (एसपी) के तीन विधायक महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि ये विधायक जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह शरद पवार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
Sharad Pawar NCP merge with Congress: गहलोत ने किया एकीकरण का समर्थन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विपक्षी दलों के एकीकरण की वकालत की है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल कभी कांग्रेस से अलग होकर बने थे, उन्हें अब फिर से कांग्रेस के साथ आना चाहिए। गहलोत ने यह भी सुझाव दिया कि विपक्षी दलों को एकजुट होकर राहुल गांधी को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व सौंपने पर विचार करना चाहिए।
Sharad Pawar NCP merge with Congress: संजय राउत बोले- क्षेत्रीय दलों को कांग्रेस की जरूरत
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी विपक्षी एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में क्षेत्रीय दलों को अपने-अपने राज्यों में संघर्ष के लिए कांग्रेस के सहयोग की आवश्यकता है। राउत के अनुसार, विपक्षी दलों के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर आगे बढ़ना समय की मांग है।
Sharad Pawar NCP merge with Congress: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) के बीच विलय होता है तो इसका असर केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर भाजपा विपक्षी दलों में संभावित टूट का लाभ उठाने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है।
Sharad Pawar NCP merge with Congress: अब सभी की निगाहें शरद पवार के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कांग्रेस के प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं और अपनी पार्टी में संभावित असंतोष को किस तरह संभालते हैं।



