दुर्ग। सिबिल स्कोर बढ़ाने और कमीशन का लालच देकर छात्रों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दुर्ग पुलिस ने 40 से अधिक स्टूडेंट्स से करीब 35-40 लाख की ठगी के मामले में एक आरोपी दीपक जोशी को गिरफ्तार किया है। वहीं मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा और अनिरुद्ध सिंह अभी फरार हैं।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित हिमांशु देवांगन और उसके साथियों ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। ASP मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि आरोपियों ने छात्रों को झांसा दिया कि EMI पर सामान लेने से उनका सिबिल स्कोर सुधरेगा। साथ ही भरोसा दिलाया कि एक भी किस्त छात्रों को नहीं भरनी पड़ेगी, सारी EMI वे खुद भरेंगे।

ऐसे फंसाया जाल में

इन छात्रों को प्रत्येक फाइनेंस पर 2 से 3 हजार रुपए कमीशन देने का भी लालच दिया गया। आरोपियों ने छात्रों के आधार कार्ड, पहचान पत्र और बैंक पासबुक का उपयोग कर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से टीवी, फ्रिज, एसी सहित अन्य महंगे सामान फाइनेंस करवा लिये। शुरुआत में कुछ किस्तें जमा कर और कमीशन देकर उन्होंने छात्रों का विश्वास जीत लिया, लेकिन अप्रैल माह के बाद आरोपियों ने ईएमआई भरना बंद कर दिया और फरार हो गए। इसके बाद फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट छात्रों के घर पहुंचकर भुगतान का दबाव बनाने लगे। पुलिस के अनुसार हिमांशु देवांगन से 92 हजार रुपए अलग से भी ठगे गए हैं।

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पद्मनाभपुर पुलिस ने ऋषभ शर्मा, अनिरुद्ध सिंह और दीपक जोशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। दीपक जोशी गिरफ्तार हो चुका है, बाकी दो की तलाश जारी है।