नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलॉन मस्क (Elon Musk) की रॉकेट कंपनी ‘स्पेसएक्स’ (SpaceX) 12 जून को शेयर मार्केट में एक नया इतिहास रचने जा रही है। कंपनी के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) की लॉन्चिंग हो रही है, जिसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस आईपीओ के बाजार में लिस्ट होते ही स्पेसएक्स के 4400 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कर्मचारी पलक झपकते ही करोड़पति बन सकते हैं।
1.77 ट्रिलियन डॉलर पहुंचेगी कंपनी की कुल वैल्यू
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स ने इस आईपीओ के तहत अपने शेयर का प्राइस बैंड 135 डॉलर प्रति शेयर तय किया है। इस कीमत पर एलॉन मस्क की कंपनी का कुल मूल्यांकन (Valuation) करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है। इस ऐतिहासिक वैल्यूएशन के साथ ही यह दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ की लिस्ट में पहले पायदान पर पहुंच जाएगा। कंपनी की योजना इस पब्लिक इश्यू के जरिए बाजार से करीब 75 अरब डॉलर जुटाने की है।
कर्मचारियों की लगी लॉटरी, 400 तो बनेंगे अरबपति!
एलॉन मस्क की यह रॉकेट कंपनी अपने कर्मचारियों पर पैसों की ऐसी बारिश करने जा रही है जो कॉरपोरेट जगत में मिसाल बन जाएगी। रिपोर्ट की मानें तो यदि स्पेसएक्स अनुमानित वैल्यूएशन पर शेयर बाजार में कदम रखती है, तो कंपनी के 4,400 से ज्यादा वर्तमान और पूर्व कर्मचारी करोड़पतियों (मिलियनेयर्स) के क्लब में शामिल हो जाएंगे। इनमें से कई पूर्व कर्मचारियों के पास कम से कम 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) मूल्य के शेयर हैं। यही नहीं, लगभग 400 कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति का मूल्य 100 मिलियन डॉलर (लगभग 830 करोड़ रुपये) से अधिक हो सकता है।
सैलरी के साथ मिली हिस्सेदारी ने बदला भाग्य
आमतौर पर बड़ी कंपनियां जहां अपने कर्मचारियों को सिर्फ भारी-भरकम सैलरी देने पर निर्भर रहती हैं, वहीं स्पेसएक्स ने शुरू से एक अलग नीति अपनाई। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सैलरी के साथ-साथ कंपनी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी (Stock Options) का तोहफा भी दिया। जैसे-जैसे साल दर साल स्पेसएक्स की ताकत और उसका मूल्यांकन बढ़ता गया, कर्मचारियों के पास मौजूद शेयरों की कीमत भी आसमान छूने लगी। जो लोग शुरुआत के दिनों में कंपनी से जुड़े थे, उनके लिए मस्क की यह कंपनी जिंदगी बदलने वाली साबित हुई है।
ऐसे समझें शेयरों का गणित
इस शानदार मुनाफे को समझने के लिए ट्रेवर हाइस का उदाहरण देखा जा सकता है, जो साल 2011 में स्पेसएक्स से जुड़े थे। उस वक्त स्पेसएक्स आज की तरह कोई ग्लोबल ब्रांड नहीं बल्कि एक बेहद छोटी कंपनी थी। उस दौर में ट्रेवर को कंपनी की तरफ से 1,00,000 से अधिक शेयर मिले थे। अब जब आईपीओ का प्राइस 135 डॉलर प्रति शेयर तय हो चुका है, तो इस हिसाब से उनके पास मौजूद शेयरों की कुल वैल्यू कम से कम 13.5 मिलियन डॉलर (करीब 112 करोड़ रुपये) हो चुकी है।



