रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की आशंका जताई है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव की वजह से प्रदेश के कुछ हिस्सों से दुखद हादसों की खबरें भी सामने आई हैं, जिनमें अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है।

आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत

बदलते मौसम के बीच कोरबा के लेमरू इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां आंधी-तूफान के दौरान एक विशाल पेड़ पति-पत्नी पर गिर गया। इस हादसे में पति शिवरतन माझी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह दंपती जंगल में अपनी लापता बकरी को ढूंढने गया था। वहीं दूसरी तरफ कांकेर के अंतागढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत काम कर रहे ग्रामीणों पर उस वक्त आकाशीय बिजली गिर गई, जब वे बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इस हादसे में स्थानीय उप सरपंच समेत 3 ग्रामीणों की जान चली गई और 5 अन्य लोग झुलस गए।

See also  Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में SIR को लेकर राजनीति में उबाल, PCC चीफ दीपक बैज ने चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा निशाना

तेज अंधड़ से मोबाइल टावर और बिजली के पोल उखड़े

शुक्रवार तड़के आए तेज आंधी-तूफान के कारण भेड़िया नवागांव में बीएसएनएल (BSNL) का 131 फीट ऊंचा भारी-भरकम मोबाइल टावर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस अंधड़ की वजह से इलाके में 50 से ज्यादा पेड़ जड़ से उखड़ गए और 11 से ज्यादा बिजली के खंभे टूट गए, जिससे कई गांवों में बत्ती गुल हो गई। इसके अलावा मुंगेली में भी तेज हवाओं के कारण एक शराब दुकान के ऊपर लगा लोहे का शेड हवा में उड़ गया। तापमान की बात करें तो शनिवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।

क्या है इस मौसम के बदलने की मुख्य वजह?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय आसमान में एक विशेष मौसमी द्रोणिका बनी हुई है, जिसे तकनीकी भाषा में ट्रफ लाइन कहा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो ट्रफ लाइन हवा के कम दबाव का एक ऐसा लंबा क्षेत्र होता है, जो अपने आसपास के बादलों और नमी को खींचता है, जिससे तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनती है। यह सिस्टम मध्य पाकिस्तान से शुरू होकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक जा रहा है। इसी के असर से छत्तीसगढ़ में मौसम बिगड़ा हुआ है। राजधानी रायपुर में भी रविवार को बादल छाए रहने, धूलभरी आंधी चलने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

See also  General Strike in India: छत्तीसगढ़ में बाल्को रहा बंद, हड़ताल का केरल ओडिशा सहित इन राज्यों में दिखा असर