गरियाबंद/कोरिया। छत्तीसगढ़ के जंगलों में हरे-भरे पेड़ों की कटाई किस कदर हो रही है, इसका अंदाजा आए दिन जगह-जगह जब्त हो रही कीमती लकड़ियों से लगाया जा सकता है। हाल के दो दिनों में जहां एक ओर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में ग्रामीणों द्वारा छिपाकर रखी गईं सागौन की लकड़ियां जब्त की गई, वहीं कोरिया वनमंडल में ट्रक में भरकर कीमती लकड़ियों को ले जाते हुए पकड़ा गया।

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अमले और गरियाबंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सागौन तस्करी का बड़ा मामला पकड़ में आया है। टीम ने सूचना के आधार पर ओडिसा सीमा से लगे दक्षिण उदंती क्षेत्र के साहेबिनकछार गांव में दबिश देकर भारी मात्रा में राष्ट्रीयकृत सागौन से बने कई फर्नीचर बरामद किए गए। इसके अलावा ग्रामिणों ने बड़ी मात्रा में लकड़ियां छिपाकर रखी थी।

जमीन और तालाब में छिपा रखी थी लकड़ियां 

उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने साहेबिनकछार गांव के कई संदिग्धों के घरों में सर्च वारंट के तहत छापेमारी की। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ आरोपियों ने अपने घरों और बाड़ियों में गड्ढे खोदकर तो कुछ ने घर के पीछे पानी से भरे तालाब नुमा गड्ढे में सागौन स्लीपर, बीजा स्लीपर और हाथ आरा छिपा दिए थे, जिन्हें वन अमले ने बरामद कर जब्त किया।

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कार्रवाई के दौरान कुल 193 नग सागौन स्लीपर, 2.4523 घन मीटर सागौन लकड़ी तथा बाद की कार्रवाई में 2.114 घन मीटर अतिरिक्त लकड़ी जब्त की गई। जब्त वनोपज की कुल मात्रा 4.56 घन मीटर आंकी गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है।

शिकार में इस्तेमाल सामग्रियां भी बरामद

वन विभाग के अनुसार, आरोपियों द्वारा कार्रवाई के डर से सागौन चिरान को तालाब और बाड़ियों में छिपाया गया था, जिसे स्निफर डॉग “टीना” की मदद से खोजकर जब्त किया गया। चार आरोपियों से अवैध सागौन लकड़ी तथा तीन आरोपियों से वन्यप्राणी शिकार में प्रयुक्त सामग्री, जिसमें जाल, पोटाश बम और अन्य उपकरण शामिल हैं, बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक पेट्रोल चालित आरा मशीन और तीन बड़े हाथ आरे भी जब्त किए गए हैं। यहां कई घरों में सागौन की लकड़ियों से बने फर्नीचर भी जब्त किए गए।

बता दें कि इसके पहले भी अभयारण्य इलाके में बहने वाले उदंती नदी का सहारा लेकर तस्कर एक छोर से दूसरे छोर तक सागौन के लठ्ठे पार करते धरे जा चुके हैं। इस पूरी कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों-कर्मचारियों, सुरक्षा श्रमिकों तथा स्निफर डॉग “टीना” की विशेष भूमिका रही।

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अवैध लकड़ी सहित वाहन जब्त 

उधर सरगुजा के कोरिया वनमण्डल के देवगढ़ रेंज में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी के जखीरे का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वन अमले ने एक ट्रक सहित भारी मात्रा में लकड़ी जब्त की है। बताया जा रहा है कि जब्त वाहन उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में पंजीकृत है। फिलहाल वन विभाग ट्रक मालिक और लकड़ी के स्रोत की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।

वन विभाग ने लकड़ी और ट्रक दोनों को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में पंजीकृत है। विभाग अब ट्रक मालिक, लकड़ी के वास्तविक स्रोत और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रहा है।

वन अधिकारियों के अनुसार वन अपराध के प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जब्त वाहन को भी राजसात किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अब देखना होगा कि जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।

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वन विभाग की इन कार्यवाहियों से यह तय हो गया है कि छत्तीसगढ़ में वन का मैदानी अमला काफी सुस्त है। अगर इनकी सक्रियता होती तो लाखों के ये पेड़ इस तरह काटे नहीं गए होते। केवल पेड़ ही नहीं जंगली जानवर भी मारे जा रहे हैं। वन अमला बाद में ऐसे मामलों में कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रहा है।