बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के सिरगिट्टी में 7 साल की दो बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में जांच में गंभीर लापरवाही पर SSP रजनेश सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में जांच प्रक्रिया के दौरान बरती गई उदासीनता, साक्ष्य संकलन में चूक और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने पर सिरगिट्टी थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस तथा विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से लाइन-अटैच कर रक्षित केंद्र भेज दिया गया है।
किस तरह की हुई लापरवाही..?
पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इतने गंभीर अपराध के बावजूद थाना प्रभारी स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। साथ ही महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संरक्षण और संकलन में भी अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। इतना ही नहीं, बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत अनिवार्य ‘सीन ऑफ क्राइम यूनिट’ को भी मौके पर नहीं बुलाया गया, जिसे जांच में बड़ी चूक माना गया है। FIR में देरी, आरोपी को पकड़ने के बजाय परिजनों से बातचीत का आरोप है।
चॉकलेट का लालच देकर किया था दुष्कर्म
मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है, जहां 17 वर्षीय एक नाबालिग आरोपी ने कथित तौर पर चॉकलेट देने के बहाने सात वर्षीय दो बच्चियों को अपने झांसे में लेकर उनके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।
पूर्व में एक ASI हो चुका है लाइन अटैच
बच्चियों की मां ने IG और SSP से मिलकर शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने FIR में देरी की, सबूत नहीं जुटाए, आरोपी को सुविधा दी और समझौते का दबाव बनाया। इससे पहले एक ASI भी लाइन अटैच हो चुका है।
CSP करेंगे जांच, थानों में फेरबदल
SSP ने जांच CSP सिविल लाइन को सौंपी है। 7 दिन में रिपोर्ट मांगी गई। इसके बाद विभागीय कार्रवाई होगी।
इस मामले में सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और जांच अधिकारी संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही थानेदारों की नई पदस्थापना भी की गई है, जिसके तहत जिला विशेष शाखा के निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाना प्रभारी और निरीक्षक कमला पुसाम को पचपेड़ी थाने की जिम्मेदारी दी गई है।






