रायपुर। छत्तीसगढ़ की हाईटेक राजधानी कहे जाने वाले नवा रायपुर के सेक्टर-31 स्थित खपरी तालाब को एक निजी आवासीय प्रोजेक्ट के लिए घेरने और उसे पाटने की तैयारी चल रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड और जमीन की हकीकत में भारी विसंगतियां (गलतियां) पाई गई हैं। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) को इसकी भनक तक नहीं लगी। जिसके चलते NRDA पर लापरवाही बरतने के आरोप लगे है। वहीं अब मामला सामने आने के बाद NRDA ने कंपनी के प्रतिनिधियों को तलब कर जवाब-तलब किया है।

जहां पानी है वहां तालाब नहीं, जहां सूखा है वहां रिकॉर्ड में पानी!

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा पेंच राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटियों को लेकर फंसा है। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत दो तालाब आ रहे हैं:

  • पहला तालाब: इसका रकबा सरकारी रिकॉर्ड में कम दर्ज है, लेकिन मौके पर यह बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें भारी जलभराव है।
  • दूसरा तालाब: राजस्व रिकॉर्ड में एक और तालाब दर्ज है, लेकिन जब मौके पर जाकर देखा गया तो वहां सिर्फ सूखा मैदान नजर आया।
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मिली जानकारी के अनुसार इसी गड़बड़ी का फायदा उठाकर निजी कंपनी ने तालाब के चारों तरफ अस्थाई बाउंड्रीवॉल खड़ी कर दी है और मुरुम डालकर इसे पाटने की कोशिश की जा रही थी।

बताया जा रहा है कि, “नवा रायपुर क्षेत्र में तालाबों और जलाशयों को पाटने का खेल लगातार जारी है। इससे पहले भी सेंध और झांझ जलाशय के जलभराव वाले हिस्सों को पाटा जा चुका है। यहाँ तक कि क्रिकेट स्टेडियम के पास भी एक तालाब को खत्म कर दिया गया।

दूसरी तरफ, खपरी नवागांव के ग्रामीण इस तालाब का उपयोग निस्तारी (रोजमर्रा के कामों) के लिए करते हैं। शिकायत के बाद अब कंपनी के लोग कह रहे हैं कि वे तालाब को पाट नहीं रहे, बल्कि इसका ‘सौंदर्यीकरण’ कर रहे हैं।