व्यापारी सार्वजनिक शौचालय की बदबू से परेशान

टीआरपी। रायपुर के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र मालवीय रोड दर्जी लाइन के व्यापारी संघ के सदस्यों ने सार्वजनिक पुरुष शौचालय (मूत्री खोली) से आने वाली सड़ांध से परेशान होकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मुलाकात की है। व्यापारियों ने इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने और स्वच्छता के नाम पर हो रही खानापूर्ति को बंद कराकर शौचालय को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।

रायपुर को ‘स्मार्ट सिटी’ का दर्जा प्राप्त है, लेकिन मुख्य बाजार क्षेत्र में इस तरह की गंदगी और बदबू सीधे तौर पर स्थानीय व्यापार, स्वास्थ्य और शहर की छवि को प्रभावित कर रही है। व्यापारियों की मानें तो बदबू के कारण ग्राहकों का रुकना मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी बिक्री आधी रह गई है और त्योहारों के सीजन से पहले यह आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण बन रहा है।

स्मार्ट सिटी की बदबूदार हकीकत से परेशान व्यापारी


व्यापारियों ने नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि दुकान खोलते ही सबसे पहले नाक बंद करनी पड़ती है। नगर निगम समय पर भारी-भरकम टैक्स और यूजर चार्ज तो वसूलता है, लेकिन इस बदबू का कोई स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। बाजार में मक्खी-मच्छरों का आतंक बढ़ गया है और यहां आने वाली माताएं-बहनें नाक बंद करके निकलने को मजबूर हैं।

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व्यापारी संघ का आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ पानी का छिड़काव करके खानापूर्ति की जाती है। यह ‘सार्वजनिक सुविधा’ अब व्यापारियों के लिए ‘सार्वजनिक परेशानी’ बन चुकी है। व्यापारियों ने सीधे तौर पर महापौर और निगम प्रशासन को घेरते हुए नारा दिया है— “निगम टैक्स लेता है टन में, सुविधा देता है बदबू में।”

व्यापारियों ने इस समस्या के समाधान के लिए 3 प्रमुख मांगें सामने रखी हैं:

7 दिनों के भीतर सभी मूत्री खोली की सघन सफाई की जाए और इसे बाजार से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।

हर प्रसाधन (टॉयलेट) पर सफाई कर्मचारी की ड्यूटी और टाइमिंग का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए और लापरवाही पर सीधी कार्रवाई हो।

व्यापारियों से वसूले जाने वाले स्वच्छता कर (यूज़र चार्ज) के एवज में मिलने वाली सुविधाओं का हिसाब दिया जाए।

व्यापारियों की शिकायत पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम के अधिकारियों से बात कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि 7 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई या शौचालय को हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो व्यापारियों ने आंदोलन और दुकानें बंद करने की चेतावनी दी है। ‘बदबू मुक्त रायपुर’ की मांग को लेकर अब यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमाने लगा है।

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