टीआरपी डेस्क। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) का आयोजन आज यानी 21 जून को किया जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जा रही इस परीक्षा में इस साल करीब 22 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए देश के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आज एग्जाम सेंटर पर छात्रों को किसी भी तरह की अव्यवस्था या परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी राज्य सरकारों ने एक दिन पहले यानी 20 जून को मॉक ड्रिल (Mock Drill) भी की थी। मॉक ड्रिल का आसान मतलब यह होता है कि मुख्य आयोजन से पहले तैयारी को परखने के लिए की जाने वाली एक डमी या अभ्यास परीक्षा।
देश-विदेश में बनाए गए हजारों परीक्षा केंद्र, बारह भारतीय भाषाओं में हो रहा है पेपर
इस बार नीट परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। इसके लिए भारत के 551 अलग-अलग शहरों में कुल 5,440 परीक्षा केंद्र (Exam Centers) तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही भारत से बाहर विदेशों के भी 14 प्रमुख केंद्रों पर इस परीक्षा का सफल आयोजन किया जा रहा है। छात्रों की सहूलियत के लिए यह परीक्षा अंग्रेजी के अलावा हिंदी समेत देश की 12 अन्य प्रमुख क्षेत्रीय और भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही है। परीक्षा शुरू होने से पहले सुरक्षा जांच के कड़े नियम लागू किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, बोले- देश की व्यवस्था पर रखें भरोसा
नीट परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से छात्रों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने देश के युवाओं और परीक्षा देने जा रहे बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, सभी राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और खास तौर पर भारत के होनहार छात्रों पर पूरा भरोसा है। शिक्षा मंत्री ने छात्रों और उनके माता-पिता से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे बिना किसी डर, तनाव या चिंता के परीक्षा केंद्र में जाएं और अपना पेपर दें। उन्होंने कहा कि छात्र निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन करेंगे और देश की शिक्षा व्यवस्था पर उनका यह अटूट भरोसा हमेशा बना रहेगा।
बच्चों की मानसिक सेहत का रखें ख्याल, शिक्षा मंत्री ने समाज से की भावुक अपील
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मौके पर एक अभिभावक और एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर समाज के सभी वर्गों से एक भावुक गुजारिश भी की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या संगठन राजनीति के चक्कर में भारत की इस नई पीढ़ी के भविष्य को खतरे में न डाले और न ही इस परीक्षा व्यवस्था का मजाक उड़ाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमें ऐसा कोई भी काम या बयानबाजी नहीं करनी चाहिए जिससे परीक्षा देने जा रहे मासूम बच्चों की मानसिक सेहत (Mental Health) पर कोई बुरा असर पड़े। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और उड़नदस्तों द्वारा पल-पल की निगरानी (Monitoring) की जा रही है।



