रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिन के लिए रायपुर आ रहे हैं। उनका यह दौरा बेहद खास है क्योंकि वे सीधे अभनपुर के उस प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे, जहां कांग्रेस के भविष्य की रणनीति तैयार की जा रही है।
अभनपुर के चांदी मोड़ स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन में शुक्रवार से यह 10 दिवसीय शिविर शुरू हो चुका है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी यहां करीब चार घंटे बिताएंगे। इस दौरान वे प्रदेशभर से आए जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे।
भाजपा-कांग्रेस में आर-पार की जंग
राहुल के आने से पहले ही छत्तीसगढ़ की सियासत गर्म हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, राम के ननिहाल में राहुल गांधी का स्वागत है, लेकिन वही राहुल जिन्होंने राम के अस्तित्व को ही नकारा था। पुरंदर मिश्रा यहीं नहीं रुके, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी यहां आकर भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग देंगे या आलू से सोना बनाने की कला सिखाएंगे।
इस बयान पर कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने पुरंदर मिश्रा पर पलटवार करते हुए कहा कि वे मानसिक रूप से परेशान हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है। विकास ने उन्हें एक्सीडेंटल विधायक बताते हुए कहा कि वे सिर्फ अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं।
शिविर में क्या-क्या सीख रहे कांग्रेसी?
कांग्रेस का यह शिविर सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं है। यहां कार्यकर्ताओं को फील्ड में उतरने की ट्रेनिंग दी जा रही है। नेताओं को गांवों में जाकर मनरेगा और नशे जैसी समस्याओं पर काम करने को कहा गया है। सुबह योग और मार्शल आर्ट्स से लेकर बूथ प्रबंधन तक की क्लास चल रही है। मीडिया हैंडलिंग और जनसंपर्क के लिए एक्सपर्ट्स बुलाए गए हैं।
संगठन को धार देने की कोशिश
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पहले ही शिविर की कमान संभाले हुए हैं। राहुल गांधी यहां संगठन विस्तार और आगामी चुनावों के लिए एक नया नैरेटिव सेट करेंगे। कांग्रेस इसे अपनी सबसे बड़ी कवायद मान रही है ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा जा सके। अब देखना यह है कि राहुल के दौरे के बाद कांग्रेस कितनी मजबूत होती है।



