करगीरोड (कोटा)। अमाली ग्राम पंचायत में विराज अर्थफ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की कोल वाशरी परियोजना की जनसुनवाई में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, वहीं ग्रामीणों ने परियोजना को लेकर रोजगार, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने जताई आपत्ति, बाहर हुआ विवाद
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माइक के जरिए जिला प्रशासन के सामने आपत्तियां दर्ज कराईं। परियोजना क्षेत्र की 16 पंचायतों के कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध जताया। इस बीच जनसुनवाई स्थल के बाहर समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समर्थन पत्र पर आपत्ति जताई और उसे फाड़ दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
ब्लॉक अध्यक्ष रहे नदारद, नेताओं में मतभेद
कोटा ब्लॉक कांग्रेस के दो पूर्व अध्यक्ष विरोध में सक्रिय दिखे, लेकिन वर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष कार्यक्रम से नदारद रहे। उनकी गैरमौजूदगी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी। जनसुनवाई में कांग्रेस नेताओं के बीच भी मतभेद दिखा – कुछ ने खुलकर विरोध किया तो कुछ ने प्रशासन और कंपनी से पर्यावरण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा। पिछली जनसुनवाई में विरोध करने वाले कुछ जनपद सदस्य भी इस बार गायब रहे।

“स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राथमिकता”: कंपनी प्रबंधन
विराज अर्थफ्यूजन प्रबंधन ने कहा कि जनसुनवाई जिला प्रशासन और पर्यावरण नियमों के तहत हुई। प्रबंधन के मुताबिक, स्थानीय ग्राम पंचायतों के युवाओं को रोजगार देना प्राथमिकता है। कंपनी ने सीएसआर के तहत पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली के क्षेत्र में काम करने की बात कही। कांग्रेस के बाहरी बाउंसर बुलाकर धमकाने के आरोपों को प्रबंधन ने निराधार बताया। सत्तारूढ़ दल के कुछ कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।



