टीआरपी डेस्क। पुणे में बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत अब एक सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या के तौर पर सामने आ रही है। 18 जून को हुई इस घटना के बाद से पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले से जुड़े नए खुलासे सामने आते जा रहे हैं। घटना को दस दिन बीत चुके हैं और हर दिन जांच में नए सबूत इस केस को और उलझा रहे हैं।

पुलिस जांच के मुताबिक, इस हत्याकांड की साजिश में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी, ताकि शादी को रोका जा सके।

10 घंटे का घोस्ट मोड प्लान

जांच में सामने आया है कि आरोपी चेतन ने पुलिस से बचने के लिए करीब 10 घंटे तक खुद को पूरी तरह डिजिटल दुनिया से अलग रखा। उसने अपना मोबाइल डेटा बंद कर दिया और फोन दुकान पर छोड़ दिया, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। पुलिस इस रणनीति को डिजिटल ब्लैकआउट बता रही है।

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हालांकि उसकी यह चालाकी ज्यादा देर नहीं चली। पुलिस के अनुसार, गर्मी के बावजूद विंटर हुडी पहनकर घूमना और कुछ संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं, जिससे शक की सुई उसी की ओर घूम गई।

कैसे तैयार हुआ पूरा प्लान

जांच रिपोर्ट के मुताबिक 18 जून की सुबह से ही पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी शुरू हो गई थी। सुबह करीब 7 बजे चेतन ने अपना मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया और 8 बजे फोन दुकान पर छोड़ दिया। उसने स्टाफ को यह कह दिया कि सभी कॉल वही संभालेंगे, ताकि किसी को शक न हो।

दोपहर तक वह पूरी तरह गायब दिखने की कोशिश करता रहा, जबकि अंदरखाने वह लोकेशन बदलता रहा। पुलिस के अनुसार, दोपहर 12 बजे के बाद वह लोहगड़ किले की तरफ बढ़ा। रास्ते में उसने किसी कर्मचारी के फोन का इस्तेमाल किया, ताकि खुद की पहचान छिपी रहे।

दोपहर करीब 2 बजे वह भारी गर्मी में भी विंटर हुडी पहनकर इलाके में घूमता नजर आया, जिससे पुलिस को उस पर शक और गहरा हुआ।

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किले में हुआ अंतिम घटनाक्रम

जांच के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे लोहगड़ किले के विंचू काटा रिज पर सिया ने इशारा किया और इसी दौरान चेतन झाड़ियों से बाहर आया। इसके बाद केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस अभी भी इस पूरे घटनाक्रम की हर एंगल से पुष्टि कर रही है।

सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड से खुला राज

पुलिस को जांच में सबसे बड़ा सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला, जिसमें चेतन की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके अलावा कॉल डिटेल्स की जांच में यह भी सामने आया कि उसके फोन को कई बार किसी और ने इस्तेमाल किया।

परिवार का शक कैसे गहराया

21 जून को जब केतन के परिजन और दोस्त घटनास्थल पर पहुंचे, तो हालात देखकर उन्हें शक हुआ कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं हो सकती। वहीं सिया के व्यवहार और लगातार चेतन के नाम का जिक्र करने से परिवार का शक और मजबूत हो गया।

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फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक बेहद सोची-समझी साजिश लग रही है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।