रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के करीब नकटी (सम्मानपुर) गांव में आज सुबह उस वक्त भयंकर बवाल मच गया, जब कलेक्ट्रेट और राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंच गई। सुबह करीब 8 बजे जैसे ही पीला पंजा चलना शुरू हुआ, पूरे इलाके में कोहराम मच गया और ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आधी रात को छावनी बना गांव
मिली जानकारी के अनुसार इस बेदखली की पटकथा रविवार देर रात ही लिखी जा चुकी थी, जब रायपुर पुलिस के आला अधिकारियों की अगुवाई में 1000 से ज्यादा पुलिस जवानों ने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया। गौरतलब है कि इससे पहले मुहर्रम की सरकारी छुट्टी के बावजूद शुक्रवार रात करीब 8 बजे ही राजस्व अमला पुलिस के साथ वार्ड क्रमांक 16 और 17 में पहुंचा था और 70 से अधिक घरों पर बेदखली का अल्टीमेटम चस्पा कर दिया था। नोटिस मिलते ही भड़के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अफसरों का घेराव कर दिया था और सत्ताधारी दल के नेताओं के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए थे।
महिलाओं की आंखें नम, बुलडोजर पर पथराव और पुलिस से झूमाझटकी
सोमवार सुबह जैसे ही घरों को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई, स्थिति बेकाबू हो गई। अपने आशियाने को उजड़ता देख महिलाएं और बुजुर्ग बुलडोजर के सामने लेट गए।
इस दौरान मौके पर जो मंजर दिखा, उसने हर किसी को झकझोर दिया:
सड़कों पर चक्काजाम: कार्रवाई के विरोध में आक्रोशित ग्रामीण रायपुर-आरंग मुख्य मार्ग के पास बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।
पुलिस से भिड़े ग्रामीण: अतिक्रमण रोधी दस्ते को आगे बढ़ता देख ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झूमाझटकी और धक्का-मुक्की हुई।
गुस्से में पथराव: बेबसी जब आक्रोश में बदली, तो कुछ युवकों ने बुलडोजर पर पथराव भी कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला।



