नई दिल्ली। व्हाट्सएप अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया फीचर लाने की तैयारी में है, जिसके तहत यूजर्स को अपना फोन नंबर साझा किए बिना दूसरों से बात करने की सुविधा मिलेगी। इस फीचर को यूजरनेम नाम दिया गया है। इसे लेकर उठ रही सुरक्षा चिंताओं के बीच व्हाट्सएप ने गुरुवार को अपना पक्ष साफ किया है। कंपनी ने बताया कि यह फीचर गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

क्या यूजरनेम बनाना अनिवार्य है

व्हाट्सएप ने साफ किया है कि यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक है। यानी किसी भी यूजर पर यूजरनेम बनाने का कोई दबाव नहीं होगा। अगर कोई यूजर अपना नाम नहीं रखना चाहता, तो उसे इसकी जरूरत नहीं है। यह सुविधा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो ग्रुप चैट या नए लोगों से बात करते समय अपना मोबाइल नंबर गुप्त रखना चाहते हैं।

खास सुरक्षा के लिए आएगी यूजरनेम की

व्हाट्सएप इस फीचर के साथ एक अतिरिक्त सुरक्षा परत भी ला रहा है, जिसे यूजरनेम की कहा गया है। यह एक गुप्त कोड की तरह होगा। अगर कोई व्यक्ति आपको मैसेज भेजना चाहता है, तो उसे आपका यूजरनेम और यह गुप्त कोड, दोनों की जानकारी होनी चाहिए। इससे अनजान लोगों द्वारा मैसेज भेजने की समस्या पर रोक लग सकेगी। यूजर अपनी सुविधा के अनुसार इस कोड को कभी भी बदल सकेंगे।

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लोकप्रिय नामों के लिए रिजर्व पॉलिसी

कई लोग यह सोच रहे हैं कि कहीं कोई मशहूर हस्ती या सरकारी संस्था का नाम न चुरा ले। इस पर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले से मौजूद नामों को उनके असली मालिकों के लिए सुरक्षित रखा गया है। सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और सत्यापित खातों के नाम कोई और नहीं ले पाएगा। अगर किसी को अपना वही नाम चाहिए जो उनके अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स पर है, तो उन्हें अपने खातों को लिंक करके मालिकाना हक साबित करना होगा।

सरकार ने जताई चिंता और दिया नोटिस

इस नए फीचर को लेकर सरकार ने व्हाट्सएप को एक नोटिस भेजा है। सरकार का मानना है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल हो सकता है। सरकार ने चेतावनी दी है कि इससे किसी और का रूप धरकर धोखाधड़ी करना, फिशिंग यानी फर्जी लिंक के जरिए जानकारी चुराना, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराना और पैसों की ठगी जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार ने व्हाट्सएप से कहा है कि जब तक इस मामले पर पूरी बातचीत नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को शुरू न किया जाए। नोटिस में कंपनी से 3 दिनों के भीतर इस पर पूरी जानकारी मांगी गई है।

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व्हाट्सएप का जवाब

सरकार के नोटिस का जवाब देते हुए व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि वे लोगों को अपना मनपसंद नाम चुनने का विकल्प दे रहे हैं। यह सुविधा अभी पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है और इस साल के अंत तक इसे धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि उन्होंने गलत इस्तेमाल रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसमें नाम का सही मिलान अनिवार्य करना और प्रतिरूपण यानी किसी और का चेहरा या नाम इस्तेमाल करने वाले पैटर्न को पकड़ना शामिल है।