रायपुर। बैंक ऑफ बड़ौदा, राजकिशोर नगर शाखा में फर्जी दस्तावेजों से 5.04 करोड़ के लोन घोटाले के मुख्य आरोपी विश्वजीत भौमिक को EOW ने 14 दिन की पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी ने पत्नी के नाम शेल कंपनियां बनाकर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया।
कैसे हुआ 5 करोड़ का घोटाला
56 वर्षीय विश्वजीत भौमिक, निवासी बिलासपुर, ने 20 मार्च 2018 से 31 मई 2019 के बीच बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर खुद और पत्नी के नाम कई फर्जी फर्में बनाईं। इन शेल कंपनियों के जरिए कूटरचित दस्तावेजों पर ओवरड्राफ्ट, टर्म लोन, बैंक गारंटी और कैश क्रेडिट के रूप में करीब 5.04 करोड़ का लोन पास कराया और राशि का दुरुपयोग किया।
लोगों के दस्तावेज लेकर बनाता था फर्जी गारंटर
आरोपी फाइनेंशियल कंसल्टेंसी की आड़ में लोगों का भरोसा जीतकर उनके आधार, पैन, GST और संपत्ति के दस्तावेज ले लेता था। फिर उन्हीं दस्तावेजों को दूसरी शेल फर्मों के लोन में गारंटर या बंधक के तौर पर इस्तेमाल करता था। एक हितग्राही की संपत्ति दूसरी फर्म के लोन के लिए गिरवी दिखाकर पूरी रकम अपनी फर्मों में डायवर्ट कर देता था। ब्लैंक चेक-बुक पर पहले ही साइन करा लेता और खाताधारकों की जानकारी के बिना लेन-देन करता था।
बैंक अफसरों को दिया अनुचित लाभ, मौके पर कोई फर्म नहीं मिली
EOW जांच में सामने आया कि ऋण पास कराने के एवज में बैंक अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मौके पर किसी भी फर्म की वास्तविक व्यावसायिक इकाई नहीं मिली। धोखाधड़ी छिपाने के लिए खातों में कुछ राशि छोड़ देता था ताकि किश्तें नियमित जाती रहें। आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12, 13(2) के तहत केस दर्ज है। मामले में आगे जांच जारी है।



