टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुआती रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। दो दिनों तक राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों को जमकर भिगोने के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। तेज बारिश थमने की वजह से अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में लोगों को भारी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में कोई बहुत मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय न होने के कारण यह स्थिति बनी है। अब अच्छी और लगातार बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में एक नए कम दबाव का क्षेत्र (सिस्टम) बनने का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि इस बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर भी दी है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी।

क्या है मौजूदा मौसमी सिस्टम की स्थिति?

मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा हुआ एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के भीतर यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा। इसके अतिरिक्त, समुद्र तल पर बनी मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) इस समय गंगानगर, रोहतक, उत्तर प्रदेश के निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पश्चिम की ओर मिजोरम तक जा रही है। इसी ट्रफ लाइन के असर से छत्तीसगढ़ में नमी आ रही है और कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर बादल बन रहे हैं।

See also  वेतन विसंगति को लेकर 1 लाख से ज्यादा शिक्षक आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

रायपुर में उमस ने बढ़ाई बेचैनी, आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर और इसके आस-पास के इलाकों के लिए मौसम विभाग ने शनिवार का स्थानीय पूर्वानुमान जारी किया है। राजधानी में सुबह से ही आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं और उमस का स्तर काफी अधिक है। विभाग के मुताबिक शनिवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के साथ-साथ कुछ समय के लिए गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। शनिवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। तापमान में हल्की बढ़ोतरी और हवा में नमी की वजह से ही लोगों को चिपचिपी गर्मी परेशान कर रही है। इससे पहले शुक्रवार को दुर्ग में सबसे ज्यादा 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जबकि राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग ने 17 जिलों में जारी किया यलो अलर्ट

भले ही भारी बारिश पर कुछ समय के लिए रोक लगी हो, लेकिन मौसम विभाग ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के 17 जिलों में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है उनमें मुख्य रूप से सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है।

See also  पूर्व गृह सचिव और पूर्व डीजीपी ने हाईकोर्ट से क्षमा याचना की

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

राज्य के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ी हैं। सबसे अधिक बारिश रघुनाथ नगर, कुसमी और बड़ेबचेली में 5-5 सेंटीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा कापू, दर्री, लैलूंगा, शंकरगढ़, कोरबा, बैकुंठपुर, प्रेमनगर और मुंगेली में 3-3 सेंटीमीटर बारिश हुई। करतला, छिंदगढ़, बीजापुर, बिलाईगढ़, अकलतरा, बिलासपुर, मैनपाट और दुर्गकोंदल जैसे इलाकों में 2-2 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं अंबिकापुर, जगदलपुर, भानुप्रतापपुर, दंतेवाड़ा और जशपुर के बगीचा में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

छत्तीसगढ़ में अचानक मानसून की बारिश क्यों कम हो गई है?


उत्तर प्रदेश के पास बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और इस समय बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत मानसूनी सिस्टम नहीं है, जिसके कारण बारिश की रफ्तार धीमी हुई है।

मौसम विभाग ने किन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है?


मौसम विभाग ने बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोरबा, सरगुजा, कोरिया और बलरामपुर समेत 17 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है।

See also  Food Safety : बिरयानी की प्लेट में मरा हुआ कॉकरोच ! शिकायत के बाद ग्रैंड बसंत रेस्टोरेंट पर कार्रवाई…

अगले 24 घंटों में रायपुर का मौसम कैसा रहेगा?


रायपुर में शनिवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज की गई?


पिछले 24 घंटों के दौरान रघुनाथ नगर, कुसमी और बड़ेबचेली में सबसे अधिक 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

छत्तीसगढ़ में दोबारा भारी बारिश का दौर कब शुरू होगा?


मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई के मध्य में बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम बनने की संभावना है, जिसके बाद ही राज्य में दोबारा भारी बारिश का दौर शुरू हो सकेगा।