कोरबा। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच श्रीमती हेमलता बघेल को गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में पता चला कि निर्माण कार्यों की 37 लाख 26 हजार रुपये की राशि नियम विरुद्ध सरपंच के निजी खाते में ट्रांसफर की गई थी।
ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच
ग्रामवासियों ने सरपंच के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और पदीय दायित्वों के दुरुपयोग की शिकायत की थी। शिकायत पर CEO जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा से जांच कराई गई।
जांच में और IDBI बैंक कोनकोना शाखा के खाते के विवरण से सामने आया कि तत्कालीन सचिव रविन्द्र कुमार सिंह के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से ग्राम पंचायत के शासकीय खाते से 37 लाख 26 हजार रुपये की निर्माण कार्य की राशि सरपंच के निजी बचत खाते में भेजी गई। इसे छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के वित्तीय एवं लेखा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और गबन माना गया है।
क्यों हुई निलंबन की कार्रवाई..?
अधिकारियों के अनुसार सरपंच के पद पर बने रहने से पंचायत के कार्य, अभिलेख और निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती थी। इसलिए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39(1) के तहत उन्हें तत्काल निलंबित किया गया।
इसके साथ ही धारा 40(1)(क) के तहत पद से पृथक करने की कार्रवाई भी न्यायालय में प्रक्रियाधीन है। पहले ही सक्षम न्यायालय द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि में श्रीमती हेमलता बघेल ग्राम पंचायत का कोई भी शासकीय या वित्तीय कार्य नहीं करेंगी, पंचायत के सभी शासकीय प्रभार, अभिलेख और सामग्री अधिकृत अधिकारी को तुरंत सौंपेंगी।
यह आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा हस्ताक्षर और न्यायालय की पदमुद्रा के साथ जारी किया गया। अब सरपंच को पद से पृथक करने को लेकर अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी लेंगे।



