छत्तीसगढ़ विधानसभा में नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर हंगामा
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर हंगामा

Chhattisgarh Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को नवा रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद विपक्षी विधायकों को स्वतः निलंबन का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की थी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अस्वीकार कर दिया।

यह मामला सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बनाम गरीब परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़ा है। इस हंगामे ने न केवल नवा रायपुर के विकास कार्यों को विवादों में ला खड़ा किया है, बल्कि सरकारी निर्माण कार्य के लिए की जाने वाली बेदखली की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं, जो प्रदेश के हजारों स्थानीय निवासियों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है।

हटाए गए 85 मकानों में कई प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि नकटी गांव में हटाए गए 85 मकानों में कई प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने थे। उन्होंने सरकार पर पुनर्वास की समुचित व्यवस्था किए बिना कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, विधायक लखेश्वर बघेल ने तर्क दिया कि ‘विधायक कॉलोनी’ के निर्माण के लिए गरीब परिवारों को बेघर करना न्यायोचित नहीं है।

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नवा रायपुर के सेक्टर-30 में फ्लैट आवंटित

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक थी। उन्होंने बताया कि 2025 में ही अवैध कब्जे की जांच के बाद बेदखली के आदेश जारी किए गए थे। मंत्री ने यह भी दावा किया कि पात्र परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में फ्लैट आवंटित किए गए हैं और सामान सुरक्षित स्थानांतरित किया गया है। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस के बाद, प्रस्ताव खारिज होते ही कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद वे नियमों के तहत स्वतः निलंबित हो गए।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या सरकार पुनर्वास की स्थिति को लेकर कोई श्वेत पत्र जारी करती है या विपक्ष इस मामले को लेकर सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराता है।

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नकटी गांव में तोड़फोड़ मामले की प्रमुख बातें

1 – राजधानी के माना के समीप नकटी गांव में तोड़फोड़ क्यों की गई।

प्रशासन का कहना है कि नकटी गांव में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था, इस कारण तोड़फोड़ की गई। जबकि, ग्रामीणों का और विपक्ष का आरोप है कि नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने के लिए ग्रामीणों का घर उजाड़ दिया गया।

2 – नकटी गांव में तोड़फोड़ से कितने मकान प्रभावित हुए।

नकटी गांव में लगभग 85 मकानों पर बुलडोजर चलाया गया।

3 – नकटी गांव के प्रभावितों के कहां आवास उपलब्ध कराए गए।

प्रशासन ने तोड़फोड़ से प्रभावित ग्रामीणों को नवा रायपुर के सेक्टर 30 में आवास उपलब्ध कराए हैं, लेकिन ग्रामीण गांव में ही टेंट लगाकर रह रहे हैं।

4 – क्या जबरदस्ती तोड़फोड़ की गई या पहले नोटिस दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि बिना सूचना के बुलडोजर चलाया गया। वहीं, प्रशासन का कहना है कि वर्ष 2025 में ही बेदखली का आदेश दे दिया गया था।

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5 – वर्तमान में गांव में क्या स्थिति है।

नकटी गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को राज्यपाल से मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। कांग्रेस के नेता भी ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।