रायपुर। राजधानी रायपुर में फर्जी दस्तावेज जमा कर जमानत लेने के आरोप में एक महिला जमानतदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला रेलवे में 32 लाख की रिश्वतखोरी से जुड़े सीबीआई केस से संबंधित है। स्पेशल कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ BNS की धाराओं में FIR दर्ज की है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
कार्यालय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर के प्रस्तुतकार हौसीलाल बिसाने ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने महिला जमानतदार कुमारी बाई कंवर निवासी ग्राम हरदी, पोस्ट बांकल, जिला राजनांदगांव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर BNS की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सीबीआई बनाम विशाल आनंद एवं अन्य से जुड़ा है। 17 दिसंबर 2025 को रेलवे के चीफ इंजीनियर के भाई कुणाल आनंद को 50 हजार रुपये की जमानत पर रिहा किया गया था। जमानत के लिए कुमारी बाई कंवर ने ग्राम खपरीकला, तहसील डोंगरगांव की खसरा नंबर 121/1 की जमीन की ऋण पुस्तिका पेश की थी।
सीबीआई एसीबी की जांच में खुला फर्जीवाड़ा
कोर्ट ने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सीबीआई एसीबी रायपुर से रिपोर्ट मंगाई। रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां मिलीं:
- पटवारी ने बताया कि कुमारी बाई के नाम 10 डिसमिल जमीन दर्ज है, लेकिन मौके पर ऐसी कोई जमीन नहीं है।
- पेश की गई किसान किताब सही नहीं पाई गई।
- किसान किताब में तहसीलदार और पटवारी के हस्ताक्षर कूटरचित पाए गए।
सीबीआई ने दस्तावेज को कूटरचित बताया। आधार कार्ड की जानकारी सही थी, लेकिन जमीन के दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद कोर्ट ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस कर रही गहराई से जांच
थाना प्रभारी सिविल लाइन को कोर्ट से ज्ञापन मिलते ही जांच शुरू कर दी गई। पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेज किसने बनाए और इसमें और कौन-कौन शामिल है।
रेलवे में 32 लाख की रिश्वत का है कनेक्शन
जमानत पाने वाले कुणाल आनंद, रेलवे बिलासपुर मंडल के तत्कालीन चीफ इंजीनियर विशाल आनंद के भाई हैं। सीबीआई ने उन्हें ROB, RUB, पुल और ट्रैक लाइनिंग के ठेके देने के बदले 32 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया था।

फाइल फोटो: रिश्वतखोरी के केस में गिरफ्तार चीफ इंजीनियर विशाल आनंद
जांच में पता चला कि डील ठेकेदार सुशील झाझरिया से 21 अप्रैल को बिलासपुर में फाइनल हुई थी। रकम मनोज पाठक के जरिए रांची में कुणाल आनंद को दी जानी थी। सीबीआई ने बिलासपुर और रांची में एक साथ छापा मारकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
FAQ: फर्जी जमानत दस्तावेज मामला
सवाल 1. महिला जमानतदार पर क्या आरोप है?
कुमारी बाई कंवर पर फर्जी जमीन के दस्तावेज, यानी कूटरचित ऋण पुस्तिका और किसान किताब जमा कर जमानत लेने का आरोप है।
सवाल 2. FIR किन धाराओं में दर्ज हुई है?
BNS की धारा 318(4) धोखाधड़ी, 338 जालसाजी, 336(3) कूटरचित दस्तावेज का उपयोग और 340(2) के तहत मामला दर्ज है।
सवाल 3. यह मामला किस केस से जुड़ा है?
यह रेलवे बिलासपुर मंडल में 32 लाख की रिश्वतखोरी के सीबीआई केस से जुड़ा है। जमानत आरोपी कुणाल आनंद की थी।
सवाल 4. सीबीआई की जांच में क्या निकला?
जांच में पता चला कि जमानत में दी गई जमीन मौके पर नहीं है और दस्तावेजों में तहसीलदार-पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर हैं।
सवाल 5. रिश्वत केस में और कौन गिरफ्तार हुए थे?
चीफ इंजीनियर विशाल आनंद, उनके भाई कुणाल आनंद, ठेकेदार सुशील झाझरिया और रकम पहुंचाने वाले मनोज पाठक गिरफ्तार हुए थे।


