rbi: नई दिल्ली। देश के आम नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बहुत जल्द बाजार में 10 और 20 रुपए के प्लास्टिक (पॉलीमर) नोट नजर आएंगे। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत इन नए नोटों का पहले बड़े पैमाने पर फील्ड ट्रायल (परीक्षण) किया जाएगा।
संसद में वित्त राज्य मंत्री ने दी जानकारी
सोमवार को लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया था। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।
100-100 करोड़ नोटों का होगा फील्ड ट्रायल
प्रस्ताव के अनुसार, शुरुआती चरण में परीक्षण के लिए:
- ₹10 के 100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे।
- ₹20 के 100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे।
इस ट्रायल के दौरान यह परखा जाएगा कि ये नोट आम लोगों के बीच कितने टिकाऊ साबित होते हैं, भारत के अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में इनका प्रदर्शन कैसा रहता है, तथा देशवासी इन्हें कितनी आसानी से अपनाते हैं। ट्रायल सफल होने के बाद ही इन्हें नियमित रूप से चलन में लाया जाएगा।
क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पारंपरिक कागजी नोट बंद नहीं किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान पॉलीमर नोट और मौजूदा कागजी नोट दोनों साथ-साथ बाजार में चलेंगे। पारंपरिक नोटों को पूरी तरह बंद करने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।
पॉलीमर नोटों के क्या हैं फायदे?
दुनियाभर के देशों के अनुभवों को देखते हुए RBI ने पॉलीमर नोटों के कई बड़े लाभ बताए हैं:
- लंबी उम्र: छोटे मूल्य के (10 और 20 रुपए) नोटों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। प्लास्टिक के होने के कारण ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में काफी लंबे समय तक टिकते हैं।
- बचत और पर्यावरण: नोटों की उम्र अधिक होने से बार-बार नए नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने की जरूरत घटेगी, जिससे सरकार के खर्च में कमी आएगी और कचरा भी कम फैलेगा।
- असुरक्षा और नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर नोटों में पारदर्शी विंडो, विशेष सुरक्षा धागे और आधुनिक एंटी-काउंटरफेट (नकली नोट रोकने वाली) तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इनकी सुरक्षा बेहद मजबूत हो जाती है।


