बिलासपुर। बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से समयबद्ध कार्ययोजना घोषित करने की मांग की है। समिति का कहना है कि एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन रनवे विस्तार और नए टर्मिनल भवन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में बिना तय समय-सीमा के किए जा रहे वादे यात्रियों की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
समिति ने राज्य सरकार से एयरपोर्ट विकास की समयबद्ध कार्ययोजना घोषित करने की मांग की है।
कैसे घटती गईं उड़ानें?
समिति ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट से 1 मार्च 2021 को नियमित उड़ान सेवाएं शुरू होने के समय दिल्ली के लिए सप्ताह में आठ उड़ानें संचालित होती थीं। उस दौरान प्रतिदिन एक उड़ान उपलब्ध थी, जबकि रविवार को दो उड़ानें संचालित की जाती थीं। वर्ष 2021, 2022 और 2023 के यात्री आंकड़ों के अनुसार इन उड़ानों में शुरुआत से ही अच्छा यात्री भार रहा।
इसके बावजूद पिछले दो वर्षों में उड़ानों की संख्या लगातार घटती गई। दिल्ली के लिए अब केवल चार साप्ताहिक उड़ानें बची हैं। प्रयागराज की उड़ानें भी सप्ताह में चार दिन से घटकर केवल एक दिन रह गई हैं। जबलपुर की सेवा पूरी तरह बंद हो चुकी है, जबकि भोपाल और इंदौर के लिए शुरू की गई उड़ानें महज चार महीने बाद ही बंद कर दी गईं।
बंद होने की असली वजह क्या?
समिति का कहना है कि इस स्थिति का प्रमुख कारण एयरपोर्ट का सीमित बुनियादी ढांचा है। मौजूदा रनवे की लंबाई पर्याप्त नहीं होने से गर्मी के मौसम में विमान पूर्ण यात्री क्षमता के साथ उड़ान नहीं भर पाते। वहीं छोटा टर्मिनल भवन यात्रियों के लिए लगातार असुविधा का कारण बना हुआ है।
समिति की मांग
जन संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि अगले 2 से 3 साल में बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी का बनाया जाए। इससे बड़े विमान उतर सकेंगे और प्रदेश के औद्योगिक- प्रशासनिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस मांग को लेकर अब भी धरना जारी है। धरने में रवि बनर्जी, परसराम केवर्त, ऋषिराज गौतम, समीर अहमद ‘बला’, संतोष पीपलवा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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FAQ: बिलासपुर एयरपोर्ट संकट
सवाल 1. बिलासपुर से कितनी फ्लाइट्स बंद हुईं?
जबलपुर पूरी तरह बंद। भोपाल-इंदौर 4 महीने में बंद। दिल्ली और प्रयागराज की फ्रीक्वेंसी आधी से भी कम।
सवाल 2. उड़ानें कम होने की वजह?
रनवे छोटा होने से गर्मी में पूरी क्षमता से उड़ान नहीं। और टर्मिनल छोटा है।
सवाल 3. 4C एयरपोर्ट का मतलब क्या है?
इस श्रेणी में बड़े विमान उतर सकते हैं। अभी बिलासपुर में छोटे विमान ही ऑपरेट हो पाते हैं।
सवाल 4. समिति क्या मांग कर रही है?
सरकार रनवे विस्तार + नए टर्मिनल की समयबद्ध योजना 2-3 साल में लागू करे।
सवाल 5. क्या यात्री संख्या कम है?
नहीं। समिति का दावा है 2021 से 2023 तक यात्री भार अच्छा था। समस्या इंफ्रास्ट्रक्चर की है।


