बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में अदालती आदेशों की खुली अनदेखी लगातार की जा रही है। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है। हाईकोर्ट ने 3 साल पहले 100% महिला आरक्षण को असंवैधानिक करार देकर रद्द कर दिया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और DME ने आज तक उसे लागू नहीं किया। 

अब कोर्ट ने इस लापरवाही पर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और PSC सचिव डी. राहुल वेंकट को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

पूरा मामला क्या है ?

छत्तीसगढ़ PSC ने सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में डिमॉन्स्ट्रेटर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली थी। भर्ती नियम-5 में साफ लिखा था कि इन पदों पर सिर्फ महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं।

इसके खिलाफ अभय कुमार किस्पोट्टा, डॉ. अजय त्रिपाठी समेत अन्य पुरुष अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनका तर्क था कि जब बीएससी और एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई में पुरुषों को प्रवेश मिलता है, वे डिग्री भी लेते हैं, तो फिर पढ़ाने के पदों पर रोक क्यों?

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हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 15(3) का हवाला देकर कहा था कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल महिलाएं करती हैं इसलिए 100% आरक्षण जरूरी है। लेकिन हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह समानता के मौलिक अधिकार का हनन है और 100% महिला आरक्षण को असंवैधानिक घोषित कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को भी समान अवसर दिया जाए।

आदेश के बाद भी फाइलें धूल खाती रहीं

फैसला आने के 6 दिन बाद 15 मार्च 2023 को ही PSC ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर संशोधित मांग पत्र मांगा। अभ्यर्थियों ने 1 जून 2023 को भी गुहार लगाई। लेकिन 3 साल बीत गए। कोई संशोधित विज्ञापन नहीं आया। फाइलें अधिकारियों की मेज पर ही अटकी रहीं।

अब आया संविदा भर्ती का ‘शॉर्टकट’

हद तो तब हुई जब 22 जून 2026 को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने नियमित भर्ती की फाइल को दबाकर इन्हीं पदों पर संविदा भर्ती का नया विज्ञापन निकाल दिया। यानी कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर बैकडोर से भर्ती करने की कोशिश। इसी कदम के खिलाफ अभ्यर्थियों ने अवमानना याचिका लगाई।

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अब अधिकारियों को देना होगा जवाब

कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और PSC सचिव डी. राहुल वेंकट को अवमानना नोटिस जारी किया गया है।

अगली सुनवाई 5 सप्ताह बाद होगी। कोर्ट तय करेगा कि प्रशासनिक सिस्टम अदालत के आदेशों से ऊपर है या अधिकारियों को लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ेगी।

FAQ: नर्सिंग भर्ती अवमानना मामला

सवाल 1. हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया था ?

कोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों में 100% महिला आरक्षण को असंवैधानिक घोषित किया और पुरुषों को भी भर्ती में शामिल करने का आदेश दिया था।

सवाल 2. फैसले को 3 साल क्यों नहीं माना गया ?

स्वास्थ्य विभाग और DME ने संशोधित नियम और मांग पत्र PSC को नहीं भेजे। फाइलें 3 साल तक लंबित रहीं।

सवाल 3. अब क्या नया विवाद हुआ ?

नियमित भर्ती न करके 22 जून 2026 को इन्हीं पदों पर संविदा भर्ती का विज्ञापन निकाल दिया गया।

सवाल 4. किन अधिकारियों को नोटिस मिला ?

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स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और PSC सचिव डी. राहुल वेंकट को हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस भेजा है।

सवाल 5. अगली सुनवाई कब है ?

5 सप्ताह बाद। तब तक अधिकारियों को कोर्ट में जवाब देना होगा।