Sawan 2026: पूरे देश में पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार सावन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग के बहुत ही शुभ संयोग में हुई है। इस नक्षत्र और योग में किए गए पूजन, जाप और व्रत का विशेष फल मिलता है।
सावन के पहले ही दिन कई बड़े राजयोग बनने से इस पूरे महीने का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है, जिससे शिव भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
मंदिरों में विशेष अनुष्ठान
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रसिद्ध महादेव घाट के हाटकेश्वरनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन तड़के 4 बजे ही भगवान शिव की प्रथम आरती और जलाभिषेक किया गया। मंदिर समिति के अनुसार यहां सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है और दर्शन के लिए रात 10 बजे तक पट खुले रहेंगे। इसी प्रकार कवर्धा के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर समेत प्रदेश के अन्य शिवालयों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। पंडितों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त से लेकर गोधूली बेला तक जलाभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
दुर्लभ संयोग और मंगला गौरी व्रत का महत्व
इस बार सावन के दौरान कई वर्षों बाद खास संयोग बन रहा है, जिसमें नाग पंचमी सोमवार के दिन ही मनाई जाएगी। इसके अलावा सावन के हर मंगलवार को सुहागिन महिलाओं द्वारा मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा, जिससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार के योगों को ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही कल्याणकारी माना जा रहा है, जिससे आम जनजीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
पंडितों और आचार्यों के विचार
धार्मिक जानकारों और मंदिरों के पुजारियों का कहना है कि सावन का पूरा महीना ही देवाधिदेव महादेव को समर्पित होता है। हाटकेश्वरनाथ मंदिर के पंडित सुरेश गिरी ने बताया कि यदि किसी विशेष मुहूर्त या योग का समय न भी मिले, तब भी पूरे सावन माह में किया गया शिव पूजन अनंत गुना फल देता है। वहीं कवर्धा के पंडित आशीष शास्त्री ने बताया कि भगवान शिव को जल अति प्रिय है, इसलिए विधि-विधान से जल चढ़ाने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
समाज, बाजार और पर्व पर पड़ने वाला प्रभाव
सावन महीने की शुरुआत के साथ ही बाजारों में भी रौनक लौट आई है। पूजा सामग्री, फूलों, बेलपत्र और पारंपरिक वस्त्रों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। धार्मिक आयोजनों और मेलों के कारण स्थानीय व्यापारियों को भी अच्छा कारोबार मिलने की उम्मीद है। आने वाले हफ्तों में जैसे-जैसे सोमवार के व्रत और त्योहार नजदीक आएंगे, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में और अधिक तेजी देखने को मिलेगी।
FAQs
Q1. सावन की शुरुआत किस नक्षत्र और योग में हुई है?
उत्तर: सावन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग के शुभ संयोग में हुई है।
Q2. रायपुर के किस प्रसिद्ध मंदिर में तड़के आरती हुई?
उत्तर: रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वरनाथ मंदिर में सुबह 4 बजे प्रथम आरती की गई।
Q3. सावन के मंगलवार को कौन सा प्रमुख व्रत रखा जाता है?
उत्तर: सावन के प्रत्येक मंगलवार को सुहागिन महिलाएं मंगला गौरी का व्रत रखती हैं।
Q4. भगवान शिव को जल चढ़ाने का सबसे उत्तम समय क्या है?
उत्तर: ब्रह्म मुहूर्त से लेकर गोधूली बेला के पूर्व तक का समय सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
Q5. इस बार सावन में कौन सा विशेष संयोग बन रहा है?
उत्तर: इस बार सावन के दौरान नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ने का दुर्लभ संयोग बन रहा है।


