मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डटे हुए किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार के साथ चली लंबी बैठकों और सकारात्मक चर्चा के बाद धरना खत्म करने का बड़ा ऐलान किया। सरकार ने मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सीमा बढ़ाने और किसानों की अन्य प्रमुख समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया है, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने लगी है।
मूंग खरीद बढ़ाने पर बनी सहमति
इस पूरे विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह मूंग की सरकारी खरीद और खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था थी। किसान लगातार मांग कर रहे थे कि उनकी उपज की खरीद का दायरा बढ़ाया जाए और जटिल डिजिटल सिस्टम को बंद किया जाए। पिछले कुछ दिनों से नर्मदापुरम से पैदल मार्च निकालकर भोपाल पहुंचे किसानों ने शहर की सीमाओं पर डेरा डाल दिया था और सड़क पर ही अपना विरोध जताया था। हालात को संभालने के लिए प्रशासन और मंत्रियों ने मोर्चा संभाला, जिसके बाद कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि अब 60 प्रतिशत तक मूंग की खरीद की जाएगी और तारीख भी बढ़ाई जाएगी।
ऐसे बढ़ा आंदोलन
यह पूरा मामला तब गरमाया जब राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। किसानों का आरोप था कि सीमित खरीद के कारण उन्हें अपनी फसल कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही खाद वितरण के नए सिस्टम से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पूर्व में भी कई दौर की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन बात न बनने पर किसानों ने राजधानी का रुख किया था, जहां जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बैरिकेडिंग करनी पड़ी थी।
बातचीत से निकला समाधान
सरकार की ओर से कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि किसानों की सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया गया है। सरकार ने यह तय किया है कि हर पात्र किसान की 60 प्रतिशत उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। इसके अलावा खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है और इसके सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो भविष्य के लिए बेहतर नियम तय करेगी।
FAQs
Q1. भोपाल में किसानों का आंदोलन क्यों खत्म हुआ?
उत्तर: सरकार द्वारा मूंग खरीदी बढ़ाने और ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म हुआ।
Q2. सरकार अब किसानों की कितने प्रतिशत मूंग खरीदेगी?
उत्तर: सरकार ने हर पात्र किसान की 60 प्रतिशत उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का फैसला किया है।
Q3. खाद वितरण की कौन सी व्यवस्था पर रोक लगाई गई है?
उत्तर: किसानों के विरोध के बाद ई-टोकन सिस्टम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
Q4. यह किसान आंदोलन किस संगठन के नेतृत्व में चल रहा था?
उत्तर: यह आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कई किसान संगठनों द्वारा चलाया जा रहा था।
Q5. सरकार ने मूंग खरीद की अंतिम तारीख बढ़ाकर क्या कर दी है?
उत्तर: खरीद की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 20 अगस्त कर दिया गया है।


