रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ED रायपुर जोन* ने भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग के भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटालेbमें बड़ी कार्रवाई की है।

ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत लगभग 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल एवं अचल संपत्तियां को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इसमें 4.69 करोड़ के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं।

जमीन के छोटे-छोटे हिस्से कर ज्यादा मुआवजा

ED की जांच के अनुसार, राजमार्ग के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद कुछ भूमि मालिकों, बिचौलियों और राजस्व अधिकारियों ने मिलीभगत की।

ईडी की जांच के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद कुछ भूमि मालिकों, बिचौलियों और राजस्व अधिकारियों ने कथित मिलीभगत से जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया। बिक्री व उपहार बिक्री समझौते के माध्यम से परिवार के सदस्यों के नाम पर अलग-अलग हिस्से दर्ज कराकर अधिक दर से मुआवजा प्राप्त किया गया।

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56 लाख की जगह मिला 9.83 करोड़

जांच में सबसे बड़ा खुलासा जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को लेकर हुआ। जांच में यह सामने आया कि जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को वास्तविक पात्रता के अनुसार लगभग 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था, लेकिन कथित तौर पर उन्हें 9.83 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। ईडी का दावा है कि इस प्रक्रिया से करीब 9.27 करोड़ रुपये की अवैध आय उत्पन्न हुई, जिसे बाद में संपत्तियों, शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों में लगाया गया।

इसी मामले में अभिलेखों के आधार पर स्वयं को मृत भूमि स्वामी की दत्तक पुत्री बताकर लगभग 2.13 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त करने का आरोप है।

ईडी ने बताया कि इस प्रकरण में पहले भी तलाशी अभियान चलाकर 49 लाख रुपये नकद और लगभग 37.13 किलोग्राम चांदी जब्त की गई थी। इसके अलावा कथित भूमि ब्रोकर सिंडिकेट की 23.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल अटैच संपत्तियों का मूल्य बढ़कर करीब 36.14 करोड़ रुपये हो गया है।

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ED का दावा

जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को वास्तविक पात्रता के अनुसार सिर्फ 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था। लेकिन उन्हें 9.83 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इस प्रक्रिया से करीब 9.27 करोड़ रुपये की अवैध आय उत्पन्न हुई। इस काले धन को संपत्तियों, शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों में लगाया गया।

एक अन्य मामले में खुद को मृत भूमि स्वामी की दत्तक पुत्री बताकर 2.13 करोड़ रुपये का मुआवजा लेने का भी आरोप है।

ED ने जय प्रकाश गांधी और 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA न्यायालय रायपुर में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है।

अब तक की कार्रवाई:

  1. ताजा अटैचमेंट: 12.78 करोड़ की 62 संपत्तियां
  2. पहले की कार्रवाई: 49 लाख नकद और 37.13 किलो चांदी जब्त
  3. पहले अटैच: भूमि ब्रोकर सिंडिकेट की 23.35 करोड़ की संपत्तियां

इन सबको जोड़कर अब तक इस मामले में कुल 36.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

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ED ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और कार्रवाई होगी।

FAQ: भारतमाला मुआवजा घोटाला

सवाल 1. मामला किससे जुड़ा है ?

रायपुर-विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग के भूमि अधिग्रहण मुआवजा से।

सवाल 2. कितनी संपत्ति अटैच हुई ?

12.78 करोड़ की 62 चल-अचल संपत्तियां। इसमें 4.69 करोड़ के शेयर-म्यूचुअल फंड भी हैं।

सवाल 3. मुख्य आरोपी कौन ?

जय प्रकाश गांधी और 13 अन्य।

सवाल 4. घोटाले का तरीका क्या था ?

जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर परिवार के नाम कर ज्यादा मुआवजा लेना। 56 लाख की जगह 9.83 करोड़ लिया गया।

सवाल 5. अब तक कुल कितनी अटैचमेंट ?

इस मामले में अब तक 36.14 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच हो चुकी है।