दिल्ली हाई कोर्ट परिसर और न्यायिक प्रक्रिया को दर्शाता एक प्रतीकात्मक दृश्य
नीट पेपर लीक मामलों की सुनवाई करने वाले फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जज में बदलाव किया गया है।

NEET paper leak: नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामलों की तेजी से सुनवाई कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए गठित देश के पहले फास्ट-ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का मात्र 10 दिन के भीतर तबादला कर दिया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा शनिवार को जारी 137 जजों की न्यायिक अधिकारियों की सूची में यह बदलाव सामने आया है।

जज अनु ग्रोवर बालीगा ने 25 जुलाई को कार्यभार संभाला था, और अब इस कोर्ट की कमान पूर्व में नीट समेत अन्य पेपर लीक मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता को सौंप दी गई है। सोमवार को जज अजय गुप्ता आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बिंदु पर विचार करेंगे।

एनआईए मामलों की विशेष अदालत में भेजा गया

ताजा न्यायिक आदेश के अनुसार, जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत आतंकी मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में कर दिया गया है। अब वह एनआईए के अलावा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और एनडीपीएस के मामलों की सुनवाई करेंगी। आतंकी मामलों की सुनवाई करने वाले अन्य जजों में विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, पुलस्त्य प्रमाचला, किरण बंसल और अमित बंसल शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री के निर्देश पर हुआ था फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन

इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हुआ था। प्रधानमंत्री ने 23 जुलाई की सुबह नीट पेपर मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद, दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उसी दिन शाम को देश का पहला फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर जज अनु ग्रोवर बालीगा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी।

पहली सुनवाई और सीबीआई की अनुपस्थिति

जज अनु ग्रोवर बालीगा ने 25 जुलाई को कार्यभार ग्रहण करने के बाद 27 जुलाई को मामले की पहली सुनवाई की थी। हालांकि, सीबीआई की तरफ से अधिवक्ता के पेश न हो पाने के कारण पहले ही दिन इस मामले की सुनवाई टल गई थी।

सीबीआई का आरोपपत्र और आगे की तारीख

इसके बाद सीबीआई ने मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जज अनु ग्रोवर ने इस आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और दो आरोपितों की जमानत याचिका पर विचार करने के लिए मामले को तीन अगस्त के लिए तय किया था। अब सोमवार को विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बिंदु पर विचार करेंगे।गौरतलब है कि तीन मई को हुई परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच तीन मई की परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसे बाद में 21 जून को दोबारा आयोजित किया गया था।

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5 FAQs


नीट पेपर लीक फास्ट-ट्रैक कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला कितने दिनों में हुआ?
जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला 10 दिनों के अंदर कर दिया गया है, जिन्होंने 25 जुलाई को कार्यभार संभाला था।

अब नीट पेपर लीक मामलों की सुनवाई कौन करेगा?
अब पूर्व में नीट सहित अन्य पेपर लीक मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता इस फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे।

जज अनु ग्रोवर बालीगा को कौन सी नई जिम्मेदारी दी गई है?
उनका तबादला एनआईए अधिनियम के तहत आतंकी मामलों, यूएपीए और एनडीपीएस के मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में किया गया है।

इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन कब और किसकी घोषणा पर हुआ था?
इस फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 23 जुलाई की घोषणा के बाद दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा उसी दिन शाम को किया गया था।

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तीन मई की नीट परीक्षा को कब रद्द किया गया था?
पेपर लीक के आरोपों के बीच एनटीए ने 12 मई को तीन मई की परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसे बाद में 21 जून को दोबारा आयोजित किया गया था।