Questions Raised Over Transfer List: छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 600 से 700 शिक्षकों की एक साथ तबादला सूची जारी करने के बाद अब इस प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने बैकडोर ट्रांसफर बंद करने और खुली स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है।
फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में समान अवसर मिलना चाहिए था।
‘जरूरतमंद शिक्षकों को पता ही नहीं चला’
रविंद्र राठौर ने कहा, “जरूरतमंद शिक्षकों को पता भी नहीं चला और इतनी बड़ी संख्या में तबादले हो गए। आखिर इस तबादले का आधार क्या है, यह स्पष्ट होना चाहिए।”
राठौर के मुताबिक, प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने से वे शिक्षक निराश हैं जो गृह जिले में पदस्थापना की उम्मीद लगाए बैठे थे।
‘DEO के विकल्प पर पोस्टिंग क्यों?’
तबादला सूची में बड़ी संख्या में शिक्षकों की पोस्टिंग सीधे स्कूल में न करके “जिला शिक्षा अधिकारी के विकल्प पर” छोड़े जाने पर भी सवाल उठे हैं। राठौर ने पूछा कि जब विभाग के पास स्कूलों के रिक्त पदों की जानकारी है तो फिर पोस्टिंग DEO के भरोसे क्यों छोड़ी गई?
उन्होंने एक ही स्कूल से दो-दो शिक्षकों के तबादले को भी गलत बताया। कहा कि इससे पहले से शिक्षक विहीन स्कूलों की व्यवस्था और बिगड़ेगी।
शैक्षणिक हित को प्राथमिकता देने की मांग
फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा कि तबादले का आधार शिक्षक-छात्र अनुपात, रिक्त पद और एकल शिक्षकीय स्कूल होने चाहिए थे।
“तबादले का उद्देश्य सिर्फ कर्मचारियों को इधर-उधर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का हित होना चाहिए”।
बीच सत्र में तबादले पर भी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे पढ़ाई प्रभावित होगी और जिन स्कूलों से शिक्षक हटे हैं वहां व्यवस्था चरमरा सकती है।
‘बैकडोर से तबादले बंद हों, खुली नीति लागू हो’
रविंद्र राठौर ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण नीति लागू न करके बैकडोर और समन्वय के आधार पर तबादले किए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तबादलों के लिए स्पष्ट नियम बनाए, ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए और सभी शिक्षकों को समान अवसर दे।
राठौर ने कहा, “इस सूची से कुछ को राहत मिली, लेकिन जरूरतमंद शिक्षक मानसिक पीड़ा महसूस कर रहे हैं। वर्षों से इंतजार करने वालों के लिए प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए।”
FAQ: छत्तीसगढ़ शिक्षक तबादला विवाद
कितने शिक्षकों का तबादला हुआ?
स्कूल शिक्षा विभाग ने करीब 600 से 700 शिक्षकों की तबादला सूची जारी की है।
फेडरेशन की मुख्य आपत्ति क्या है?
प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और बैकडोर से तबादले किए जा रहे हैं।
‘DEO के विकल्प पर पोस्टिंग’ से क्या मतलब है?
शिक्षकों को सीधे स्कूल न देकर पदस्थापना जिला शिक्षा अधिकारी के निर्णय पर छोड़ी गई है।
फेडरेशन ने क्या मांग की?
बैकडोर ट्रांसफर बंद कर खुली, ऑनलाइन और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग।
बीच सत्र में तबादले पर क्या कहा गया?
इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्था प्रभावित होगी।


