Sanjay Singh Chhattisgarh Visit: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ पहुंचते ही राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। रविवार को रायपुर पहुंचे सांसद ने पत्रकारों से बातचीत में सीधा आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार को बाहरी इशारों पर चलाया जा रहा है और जनता के अधिकारों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संवैधानिक प्रावधानों और स्थानीय अधिकारों को नजरअंदाज करके फैसले लिए जा रहे हैं। संजय सिंह के इस तीखे बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने देश भर में हो रही प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने का आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में दो सौ से ज्यादा परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं। विपक्ष शासित राज्यों पर उंगली उठाने वाली पार्टियों को घेरते हुए उन्होंने सवाल किया कि अन्य राज्यों में ऐसी धांधलियों पर खामोशी क्यों साधी जाती है। इसके साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण और सीटों के पुनर्निर्धारण के गणित पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पारदर्शिता के बिना कोई भी सुधार अधूरा है।
छत्तीसगढ़ में पैसा कानून को लेकर कही ये बात
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का हक मारा जा रहा है। पेसा कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है। आदिवासी समाज के लोगों में गुस्सा है। यहां के मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन उनको डायरेक्शन अडानी और मोदी से आता है। छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार आज की तारीख में केंद्र सरकार के इशारे पर नाचने वाली सरकार है।
पेपर लीक से लेकर UCC तक, संजय सिंह ने साधा सरकार पर निशाना
रायपुर में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक देश में 148 पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। संजय सिंह के मुताबिक, पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्र आंदोलन कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड और झारखंड सहित भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कई मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों पर सरकार की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जाती।
छत्तीसगढ़ में AAP का संगठन मजबूत करने की तैयारी
संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में अपने संगठन को लगातार विस्तार दे रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी और अन्य पदाधिकारी अलग-अलग जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत किया जाएगा।
UCC पर संजय सिंह ने दिया नया सुझाव
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी संजय सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कानून और नीतियां बनाते समय समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव पर नजर रखना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए दो अलग-अलग कमेटियां गठित की जानी चाहिए। पहली कमेटी SC, ST और OBC वर्ग के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी करे, जबकि दूसरी कमेटी समाज के सभी वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़े मामलों को देखे।संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा इस तरह की व्यवस्था नहीं चाहती। उन्होंने भाजपा पर समाज में विभाजन और टकराव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भेदभाव खत्म करने के लिए पारदर्शी निगरानी व्यवस्था जरूरी है।


