Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार, 11 अगस्त को अलग-अलग दिशा देखने को मिली। वैश्विक बाजार में सोना 0.23 फीसदी यानी करीब 10 डॉलर की बढ़त के साथ 4,422 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज हुई। घरेलू बाजार में भी यही तस्वीर रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना करीब 2,000 रुपये तक मजबूत हुआ, जबकि चांदी में 2,300 रुपये से ज्यादा की गिरावट देखी गई। ऐसे में बड़ा सवाल है कि लगातार तेजी के बाद सोने-चांदी के ट्रेंड में यह बदलाव क्यों आया?
MCX पर सोने का ताजा भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 0.44 फीसदी यानी 671 रुपये की तेजी के साथ 1,53,770 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,55,437 रुपये का उच्च स्तर और 1,53,220 रुपये का निचला स्तर छुआ। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव 1,53,099 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी में 1,100 रुपये से ज्यादा की गिरावट
दूसरी ओर, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी में 0.47 फीसदी यानी 1,117 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक चांदी 2,35,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी का उच्च स्तर 2,41,999 रुपये और निचला स्तर 2,34,439 रुपये रहा। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,36,867 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
क्यों बदला सोने-चांदी का ट्रेंड?
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और इंटेलिसिस वेंचर्स के फाउंडर अमित सुरेश जैन के मुताबिक, हाल के दिनों में सोने में जोरदार तेजी रही है। पिछले 15 दिनों में इसकी कीमत करीब 12 फीसदी तक बढ़ी है और सोना पिछले दो महीनों के ऊंचे स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। उनके मुताबिक, इस तेजी के पीछे जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी और सोने में निवेशकों का बढ़ता भरोसा प्रमुख वजह रहा। इसके अलावा त्योहारों के मौसम में घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दे रही है। चांदी की तस्वीर अलग है। इस पर बुलियन के साथ-साथ बेस मेटल से जुड़े कारकों का भी असर पड़ता है। चांदी पहले ही मजबूत प्रदर्शन कर चुकी है। ऐसे में इसमें मुनाफावसूली और तकनीकी दबाव देखने को मिल रहा है।
₹2 लाख से नीचे जा सकती है चांदी?
अमित जैन के मुताबिक, हालिया तेजी को मुख्य रूप से टेक्निकल बाउंस माना जा सकता है। डेली चार्ट पर सोना और चांदी दोनों ओवरबॉट जोन में पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। चांदी के लिए 2.32 लाख रुपये का स्तर अहम है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बनी रहती है तो 2.50 लाख और 2.70 लाख रुपये के स्तर तक पहुंचने की संभावना बनी रह सकती है। लेकिन अगर चांदी 2.25 लाख रुपये से नीचे जाती है तो इसके 2 लाख रुपये से नीचे आने की संभावना बन सकती है।
सोने के लिए कौन से स्तर अहम?
सोने के मामले में 1.56 लाख से 1.57 लाख रुपये का स्तर महत्वपूर्ण बताया गया है। अगर सोना इस दायरे को पार करके इसके ऊपर टिकता है तो अगला लक्ष्य 1.64 लाख रुपये हो सकता है। बेहतर परिस्थितियों में सोना करीब 1.72 लाख रुपये के स्तर तक भी पहुंच सकता है। हालांकि, तेजी की यह संभावना तभी बनी रहेगी जब सोना 1.44 लाख से 1.47 लाख रुपये के स्तर के ऊपर बना रहे। अगर कीमत 1.47 लाख रुपये से नीचे जाती है और फिर 1.44 लाख रुपये का स्तर भी टूटता है तो हालिया निचले स्तरों का दोबारा परीक्षण हो सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अमित जैन ने मौजूदा स्तरों पर बहुत ज्यादा खरीदारी से बचने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, अगर सोने में निवेश करना है तो एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर हो सकता है। गोल्ड और सिल्वर में आगे भी मौके बनने की उम्मीद जताई गई है। ऐसे में मौजूदा स्तरों पर आक्रामक तरीके से बाजार के पीछे भागने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करने पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।


