Health Tips: सुबह का समय दिन का सबसे शांत और ताजगी भरा हिस्सा माना जाता है। इसी वक्त अगर आप पार्क या बगीचे में ओस से भीगी हरी घास पर कुछ मिनट नंगे पैर चलते हैं, तो यह अनुभव सिर्फ मन को सुकून देने तक सीमित नहीं रहता है। हालांकि, इसके कई फायदे हैं, लेकिन शरीर को भी इससे कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।
यही वजह है कि आजकल फिटनेस एक्सपर्ट्स और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इस आदत को अपनी मॉर्निंग रूटीन का हिस्सा बना रहे हैं।
सुबह नंगे पैर चलने के फायदे
सुबह की ताजी हवा, हल्की धूप और हरी घास का मेल शरीर को प्राकृतिक माहौल से जोड़ने का काम करता है। जब पैर सीधे घास के संपर्क में आते हैं तो पैरों की छोटी-छोटी मांसपेशियां ज्यादा सक्रिय होती हैं। इससे शरीर का संतुलन बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यह एक हल्की शारीरिक गतिविधि भी बन जाती है जो बिना ज्यादा मेहनत किए शरीर को एक्टिव करने का काम करती है।
मन को मिलता है सुकून
हरियाली का असर मूड पर भी पड़ता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लगभग हर व्यक्ति की समस्या बन चुका है। ऐसे में सुबह कुछ मिनट पार्क में नंगे पैर चलना मानसिक शांति देने में मदद कर सकता है। हरियाली के बीच समय बिताने से दिमाग रिलैक्स महसूस करता है। यही वजह है कि दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ हो सकती है। कई लोग बताते हैं कि इस आदत से उनका मूड बेहतर रहता है।
पैरों की मांसपेशियां होती हैं मजबूत
जूते पहनकर चलने की तुलना में नंगे पैर चलने पर पैरों की मांसपेशियों और जोड़ों को ज्यादा काम करना पड़ता है। इससे पैरों का संतुलन बेहतर हो सकता है। साथ ही, मांसपेशियां मजबूत बनने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों का अधिकतर समय कुर्सी पर बैठकर बीतता है, उनके लिए सुबह कुछ देर घास पर चलना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।
शरीर को मिलती है हल्की एक्सरसाइज
हर व्यक्ति के पास रोजाना जिम जाने का समय नहीं होता है। ऐसे में सुबह 15 से 20 मिनट पार्क में टहलना शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने का आसान तरीका हो सकता है। इससे रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिलती है। इसके अलावा शरीर में ताजगी महसूस होती है। नियमित वॉक करने वाले लोग अक्सर दिनभर खुद को ज्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं।
आंखों को आराम और बेहतर दिनचर्या
अगर आपका ज्यादातर समय मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने गुजरता है, तो सुबह कुछ देर हरियाली के बीच समय बिताना आंखों को आराम देने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि इससे आंखों की रोशनी बढ़ जाती है, क्योंकि इसके पक्के वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। लेकिन प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने से आंखों पर पड़ने वाला तनाव कम महसूस हो सकता है।
जो लोग रोज एक तय समय पर उठकर पार्क जाते हैं, उनमें अनुशासन की आदत भी विकसित होती है। सुबह की शुरुआत सकारात्मक माहौल में होने से खानपान और बाकी दिनचर्या पर भी अच्छा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुबह की वॉक को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
अगर आपको डायबिटीज है, पैरों में घाव है, त्वचा का संक्रमण है या किसी तरह की एलर्जी की समस्या रहती है, तो नंगे पैर घास पर चलने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि जिस घास पर आप चल रहे हैं वह साफ-सुथरी हो। वहां कांच, पत्थर, कीड़े या कोई नुकीली चीज न हो, ताकि चोट का खतरा न रहे।
वैज्ञानिक नजरिया भी समझना जरूरी है। नंगे पैर घास पर चलने से जुड़े कई फायदे लोगों के अनुभव पर आधारित हैं। वहीं तनाव कम होने और नियमित वॉक के फायदे कई शोधों में भी सामने आए हैं। लेकिन यह कहना कि इससे हर बीमारी ठीक हो जाती है, सही नहीं होगा। इसलिए इसे स्वस्थ जीवनशैली का एक हिस्सा मानें, इलाज का विकल्प नहीं।


