Workers complaint against SKA company at SECL Chhal open cast mine in Raigarh
रायगढ़ के छाल क्षेत्र में मजदूरों की शिकायत के बाद SKA कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश।

Raigarh SKA Company Workers Complaint: रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की खुली खदान में ठेका कंपनी एसकेए (SKA) के खिलाफ मजदूरों की 9 सूत्रीय शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने 11 अगस्त 2026 को मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया है। जांच सिर्फ लात खुली खदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रायगढ़ जिले की अन्य खदानों में काम कर रही ठेका कंपनियों के श्रम कानूनों के पालन की भी जांच की जाएगी।

8 घंटे की जगह 12 घंटे काम कराने का आरोप

एसईसीएल छाल क्षेत्र की खुली खदान सिम-3 विस्तार में काम कर रहे मजदूरों ने ठेका कंपनी सुनील कुमार अग्रवाल (एसकेए) के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें की हैं। श्रमिकों का आरोप है कि उनसे निर्धारित 8 घंटे के बजाय करीब 12 घंटे रोजाना काम कराया जा रहा है। मजदूरों ने महीने के 30 से 31 दिन तक लगातार काम कराने और साप्ताहिक अवकाश नहीं देने का भी आरोप लगाया है।

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HPC दर नहीं मिलने और वेतन कटौती की शिकायत

श्रमिकों ने वेतन में विसंगति का आरोप लगाते हुए कहा है कि एसईसीएल की ओर से बजट जारी किए जाने के बावजूद उन्हें निर्धारित हाई पावर कमेटी (HPC) दर का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा घर से आने-जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित तौर पर 6 हजार रुपये तक की कटौती किए जाने की शिकायत भी की गई है।

पे-स्लिप और सेफ्टी किट नहीं मिलने का आरोप

शिकायत में मजदूरों ने पे-स्लिप, सेफ्टी किट और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप लगाया है। श्रमिकों ने वेतन भुगतान में पारदर्शिता नहीं होने की बात भी कही है। इसके अलावा मजदूरों का आरोप है कि अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।

5 सदस्यीय टीम करेगी जांच

कलेक्टर के आदेश के तहत गठित संयुक्त जांच दल की अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत होंगी। टीम में सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम पाणिग्राही, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल, खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी और संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है। जांच दल को तत्काल कार्यस्थल का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मस्टर रोल और वेतन रिकॉर्ड का होगा सत्यापन

जांच टीम एसकेए के मस्टर रोल, वेतन भुगतान पंजी और HPC दरों के क्रियान्वयन से जुड़े दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके साथ ही शिकायत करने वाले श्रमिकों और ठेका कंपनी के प्रबंधन के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे।

अन्य खदानों में भी होगा औचक निरीक्षण

प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए रायगढ़ जिले की अन्य खदानों को भी इसमें शामिल किया है। जांच दल एसईसीएल छाल क्षेत्र के साथ जिले की अन्य खदानों का सघन और औचक निरीक्षण करेगा। इस दौरान ठेका कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जाएगी। कथित अवैध वेतन कटौती और HPC दरों की अनदेखी के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है।

5 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो काम बंद करने की चेतावनी

श्रमिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो छाल उपक्षेत्र में काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन ने औद्योगिक शांति, श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

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7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

कलेक्टर के 11 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार संयुक्त जांच दल को लात खदान समेत अन्य खदानों की स्थिति की जांच कर स्पष्ट अनुशंसा के साथ रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।