यूरिया की कमी पर पूर्व सीएम डॉ रमन ने भूपेश सरकार को घेरा: जान-बूझकर सरकार दिखा रही खाद की कमी,पूछा-किसके इशारे पर हो रही कालाबाजारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में यूरिया खाद की कमी को लेकर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह ने भूपेश सरकार पर अनेक आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार खाद की कमी दिखाने का प्रयास कर रही है।

खाद स्टाक और पंजीकृत किसानों का डेटा जारी करें सरकार

उन्होंने आरोप लगाया कि नकली खाद बेचने वाले माफिया सक्रिय हैं। रमन ने कहा कि सरकार जानबूझ कर खाद की कमी दिखा रही है, इसके साथ ही रमन ने सरकार से सिलसिले वार कई सवाल भी पूछे हैं।

रमन ने सरकार से पूछा है कि सरकार पंजीकृत किसानों की संख्या, खाद का स्टाक जारी करे बताए कि जब केंद्र से समय पर खाद का आंवटन किया गया तो खाद की कमी कैसे हो रही है। रमन ने कहा कि भूपेश सरकार बताए कि आखिर किसके इशारे पर खाद की कालाबाजारी की जा रही है। सरकार किसानों को ठगने का काम कर रही है।

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किसानों को वर्मी कम्पोज खरीदने के लिए किया जा रहा है मजबूर

रमन सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को वर्मी खाद खरीदने के लिए दबाव डाला जा रहा है, ये शर्म की बात है। 2 रुपए में गोबर लेकर 10 रुपए में खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। रमन ने खाद स्टाक की जानकारी ​मीडिया को जारी करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की डेटा को आप देखेंगे तो समझ आ जाएंगे कि आखिर कैसे यह सरकार खाद की जमाखोरी कर कालाबाजारी को बढ़ावा दे रही है।

केंद्र कर रहा किसानों की मदद

रमन सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों की परेशानी कम करने उर्वरकों की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में 60 से 70 प्रतिशत की भारी उछाल आने से जब उनकी घरेलू कीमतों पर दबाव पड़ रहा था। उर्वरक कंपनियों द्वारा डीएपी अप्रैल महीने में 1900 रुपये प्रति बोरी की बढ़ी हुई एमआरपी पर बेचे जाने की खबरें थीं, तब केन्द्र सरकार ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए डीएपी पर सब्सिडी बढ़ाकर किसानों को सस्ता खाद उपलब्ध कराया।

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देखें रमन ने सरकार से पूछे कौन-कौन से सवाल

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।