कोरबा। अपनी जमीन देकर देश के हर घर को रौशन करने और कोरबा जिला को देश-दुनिया में पहचान देने वाले किसान जमीन देने के बाद अपने जीवन का अंधकार को दूर करने के लिए अब भी जद्दोजहद कर रहे हैं। कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले भूविस्थापित किसान रोजगार की मांग करते हुए दीपावली के दिन भी धरने पर बैठे रहे। एसईसीएल कुसमुंडा मुख्यालय के सामने लगातार 4 दिन से धरने पर बैठे भू विस्थापितों ने अंधेरा होते ही दीवली के दिन अंधकार, असमानता, शोषण के खिलाफ लड़ने के संकल्प के साथ कुसमुंडा मुख्यालय के सामने दीप जला कर दीपावली का त्यौहार मनाया।

गौरतलब है कि SECL की कुसमुंडा कोयला परियोजना के चलते विस्थापित हुए ग्रामीणों ने रोजगार एकता संघ के बैनर तले आंदोलन करते हुए 1 नवम्बर को कुसमुंडा खदान का उत्पादन ठप कर दिया था। हालांकि इस दौरान SECL प्रबंधन ने एक माह के भीतर लंबित मामलों का निराकरण करने का आश्वासन दिया है, मगर उस पर भरोसा नहीं करते हुए भुविस्थापितों ने महीने भर तक मुख्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। दीपावली के दिन भी ये धरने पर बैठे और कुसमुंडा कार्यालय के सामने दीया जलाया।इस मौके पर आंदोलन को समर्थन दे रहे दीपक साहू, जवाहर सिंह कंवर, राधेश्याम, जय कौशिक, प्रशांत झा, पुरषोत्तम के साथ बड़ी संख्या में भूविस्थापित-किसान, माकपा और किसान सभा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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