नई दिल्ली/रांची। झारखंड में राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस और झामुमो में ठन गई है। दोनों पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार के लिए दावेदारी ठोंक रही हैं। मुख्यमत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ कई कांग्रेसी नेता भी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। इस मुद्दे पर सोरेन की मुलाकात सोनिया गांधी से भी हुई है।

मुलाकात के बाद सोरेन ने कहा कि, मैंने सोनिया गांधी से मुलाकात की और उन्हें राज्यसभा चुनाव के बारे में जानकारी दी। झारखंड में भी राज्यसभा की दो सीटें हैं, हमने इस विषय पर चर्चा की, उन्हें अवगत कराया हालांकि इस दौरान सीएम सोरेन ने इसके संकेत नहीं दिए कि वो कांग्रेस को एक सीट देने पर सहमत हुए हैं। लेकिन, अब जो जानकारी सामने आई है, उसमें ये साफ है कि राज्यसभा सीट को लेकर दोनों दलों के बीच आपसी सहमति बन गई है।

दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का भी बयान सामने आया है। ठाकुर ने कहा है कि झारखंड के एक नेता को राज्यसभा जाना चाहिए। हमारी अध्यक्ष सोनिया गांधी जो कहेंगी हम उसका पालन करेंगे। सकारात्मक बातचीत हुई (झामुमो के साथ) और मैं कह सकता हूं कि कांग्रेस का उम्मीदवार होगा।

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इधर राज्यसभा सीट पर कांग्रेस द्वारा दावेदारी करने के बाद से झामुमो ने धमकी भरे लहजे में कहा है कि कांग्रेस हमें आंख न दिखाए। हमारी वजह से कांग्रेस यहां टिकी है। हम मजबूत होंगे तो कांग्रेस भी मजबूत होगी। वहीं कांग्रेस ने भी कहा कि कांग्रेस न तो किसी को आंख दिखा रही है, न याचना कर रही है। गठबंधन हमेशा सहमति के आधार पर कामयाब होता है। निर्देश पर गठबंधन नहीं चलता।

झामुमो हर हालत में अपना उम्मीदवार उतारेगी: सुप्रियो भट्टाचार्य

झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, ‘विधायक दल ने एकमत से फैसला लिया कि झामुमो हर हालत में राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी को कांग्रेस से समर्थन मिलने की उम्मीद है। हम चाहते हैं कि चुनावों के लिए महागठबंधन का केवल एक ही प्रत्याशी होना चाहिए। जबकि भाजपा की ओर से पूर्व सीएम रघुवरदास नाम सबसे आगे चल रहा है।

बता दें कि झामुमो के राज्य विधानसभा में 30 सदस्य हैं जबकि कांग्रेस के विधायकों की संख्या 17 है। राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के 26 विधायक हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी एक-दो दिन में ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकता है।

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