जांजगीर। जांजगीर में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रोटोकॉल नियमों को दरकिनार कर अपने दफ्तर में प्रोटोकॉल के तहत लगी तस्वीरें हटवा कर अपनी तस्वीर दीवार पर सजाने का मामला सामने आया है। डीईओ कुमुदनी द्विवेदी पर सरकारी खर्चे से अपने कक्ष का कायाकल्प करवाने का आरोप भी लग रहा है। सूत्रों की माने तो अपने चेंबर के रंग रोगन में डीईओ ने लाखों रुपये खर्च कर दिए। यही नही चेंबर में अपनी कुर्सी के पीछे खुद की पेंटिंग वाली फ़ोटो फ्रेम में सजा कर लगा दी। जबकी प्रोटोकाल के अनुसार लगने वाले अन्य तस्वीरें गायब थी।

बता दें कि छतीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा ज़ारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों व स्कूलों में संवैधानिक पदों के अतिरिक्त केवल छतीसगढ़ महतारी की तस्वीर ही लगाईं जाएगी। संवैधानिक पदों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री की फ़ोटो लगाने के निर्देश जारी किए गए थे। शासन द्वारा इनके अतिरिक्त सिर्फ छतीसगढ़ महतारी की फ़ोटो लगाने के ही निर्देश थे।

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डीईओ ने राज्य शासन द्वारा जारी निर्देश का उल्लंघन कर अपनी फोटो कार्यालय में लगवा ली। जबकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ महतारी की फ़ोटो कार्यालय से हटा दी गयी थी। हालांकि दफ्तर की ये तस्वीर वायरल होते ही फिर से पेंटिंग को हटा कर सब कुछ दुरुस्त कर दिया गया।

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