नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में देशभक्ति सहित अनेकों किरदारों का दमदार अभिनय कर देश के करोड़ों दर्शकों के दिलों में राज करने के बाद लोकप्रिय होकर अभिनेता से नेता बने सनी देओल द्वारा हाल ही में संपन्न हुए देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति पद के चुनाव में मतदान नहीं करने को लेकर चर्चा जोरों पर हैं।

देश में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानि एनडीए के उम्मीदवारों ने जबरदस्त जीत हासिल की है। इन दोनों ही चुनाव में अभिनेता से नेता बने सनी देओल ने मतदान नहीं किया। सनी देओल दोनों चुनाव के वक्त वोटिंग से दूर रहे। सनी की वोटिंग से दूरी चर्चा में आ गई है, दरअसल भाजपा के लिए एक-एक वोट काफी कीमती थी फिर आखिर सांसद देओल ने वोटिंग में हिस्सा क्यों नहीं लिया?

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बता दें कि सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे दिग्गज नेता सुनील जाखड़ को 82459 वोट के भारी-भरकम अंतर से हराया था। सनी देओल को 5 लाख 58 हजार 719 और सुनील जाखड़ को 4 लाख 76 हजार 260 वोट मिले थे। पंजाब में विधानसभा चुनाव के बाद हाल ही में सुनील जाखड़ भी अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

सनी देओल पर अक्सर लापता के आरोप लगते रहे हैं, वे अपने संसदीय क्षेत्र में समय नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं संसद में भी उनकी काफी कम उपस्थिति रहती है। पिछले साल गुरदासपुर में सनी के लापता वाले पोस्टर भी लगाए गए थे। वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक सनी देओल एक शूटिंग के दौरान पीठ में चोट लगने की वजह से घायल हो गए थे, वे सर्जरी कराने अमेरिका गए हैं, इसी कारण वे वोटिंग में हिस्सा नहीं ले पाए।

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