पेंड्रा। छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश के बाद किसानों ने कड़ी मेहनत कर धान की बंपर पैदावारी की थी। फसल तैयार होने के बाद जैसे ही फसलों की कटाई कर समर्थन मूल्य पर धान बेचने की तैयारी में थे वैसे ही चक्रवाती तूफान की बारिश ने किसानों की सभी मेहनत पर पानी फेर दिया। चार दिनों तक हुई लगातार बारिश का असर पूरे छत्तीसगढ़ में पड़ा है लेकिन गौरेला पेंड्रा मरवाही क्षेत्र में बारिश का असर अधिक पड़ा है जिसका असर अब दिखने लगा है।

खेत खलिहानों में रखे गए धान पूरी तर से भीग गए है। ठंड से लोग अस्त-व्यस्त हो गए हैं और किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। बारिश के कारण किसानों को धान की कटाई व मंजाई में परेशानी उठानी पड़ रही है। बेमौसम बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। वहीं किसानों के खेतों में नमी और पानी भर जाने से परेशानियां बढ़ गई है। खेत खलिहान में रखे धान की फसल को बारिश के कारण नुकसान होने लगा है।

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छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के सीमांत गांव आमगांव में भी काफी नुकसान हुआ है। अब किसानों को डर सताने लगा है कि उनका आगे जीवन गुजारा कैसे होगा। इस क्षेत्र के ज्यादातर लोग एकल फसल करते हैं और इनकी आय मुख्य रूप से धान की खेती से ही अर्जित होती है और इसी पर ही निर्भर रहते हैं। वहीं किसान अपनी भीग चुकी फसलों को पानी से निकालकर खेतों की मेड़ों में धूप से सुखाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि किसी तरह बेमौसम हुई बरसात के नुकसान को कम किया जा सकेॆ। वहीॆ इन किसानों की मांग है कि आने वाली नई सरकार में बेमौसम बारिश में प्राकृतिक रूप से हुए नुकसान का मुआवजा मिलने की पहल भी जल्द शुरू हो।