रायपुर। यूपीएससी-पीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग का सपना लेकर आए छात्रों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सरस्वती नगर थाने में करीब डेढ़ दर्जन छात्रों ने कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर पवन टांडेश्वर और उनकी पत्नी रूबी मजूमदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। छात्रों का आरोप है कि कोचिंग के नाम पर उनसे 18 लाख रुपये वसूलने के बाद पति-पत्नी फरार हो गए। अनुमान लगाया जा सकता है कि हर एक छात्रों से लगभग 1 लाख रुपये फ़ीस के नाम पर लिए गए थे।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

छात्रों ने बताया कि पवन टांडेश्वर और रूबी मजूमदार ने यूपीएससी-पीएससी की कोचिंग के लिए कौटिल्य एकेडमी की शुरुआत की थी। करीब डेढ़ दर्जन छात्रों ने कोचिंग की फीस के रूप में 18 लाख रुपये जमा किए। शुरुआत में क्लासेस शुरू हुईं, लेकिन कुछ समय बाद “शिफ्टिंग” का बहाना बनाकर कोचिंग बंद कर दी गई।

बच्चे कोचिंग खुलने का इंतेजार करते रहे। कुछ दिन बीत जाने के बाद भी जब कोचिंग संस्था शुरू नहीं हुई तो उन्होंने डायरेक्टर से संपर्क किया। पति-पत्नी ने बच्चों को कुछ दिनों तक अपनी बातों में उलझा कर रखा। इसके बाद दोनों पति-पत्नी बच्चों के नंबरों को ब्लैक लिस्ट कर फरार हो गये। बच्चे खुद को ठगा महसूस कर इसकी शिकायत सरस्वती नगर थाने में दर्ज करवाये है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर डायरेक्टर और उसकी पत्नी की तलाश कर रही है।

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बताया ये भी जा रहा है कि एकेडमी में पढ़ाने वाले फैकल्टी की सैलरी चेक में दी गई थी। जब चेक को बैंक में लगाया गया तो साइन मैच नहीं होने से चैक भी बाउंस हो गया। इस मामले में फैकल्टी ने भी अपराध दर्ज कराया है।