नई दिल्ली। आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। जीएसटी काउंसिल जल्द ही कुछ आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स दरों में कटौती कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार जीएसटी दरों को सरल और सुव्यवस्थित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों और हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सेवाओं पर टैक्स कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

अप्रत्यक्ष करों में आई गिरावट

तृणमूल कांग्रेस के सांसद नदीमुल हक के सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद औसत अप्रत्यक्ष कर दर 15.8% से घटकर 11.3% रह गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीएसटी के तहत किसी भी वस्तु पर कर बढ़ाने का कोई उदाहरण नहीं है। बल्कि, अब कुछ कर दरों को एक साथ मिलाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी घटने की संभावना भी बढ़ गई है।

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जीएसटी परिषद लेगी अंतिम फैसला

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अकेले जीएसटी दरों को तय नहीं करती, बल्कि यह निर्णय जीएसटी काउंसिल द्वारा लिया जाता है, जिसमें सभी राज्य शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में परिषद कर ढांचे को सरल बनाने पर काम कर रही है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।

वैश्विक घटनाओं का अर्थव्यवस्था पर असर

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितताओं के कारण भारत के बजट निर्माण की प्रक्रिया जटिल हो गई है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक महंगाई जैसे कारकों का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

बजट 2025-26: गरीब, युवा, किसानों और महिलाओं पर फोकस

वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट 2025-26 पर चर्चा के दौरान कहा कि सरकार का ध्यान गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर केंद्रित है। सरकार कृषि, एमएसएमई, निर्यात और ग्रामीण विकास को आर्थिक वृद्धि का इंजन बनाने के लिए नई योजनाएं और सुधार लागू कर रही है। साथ ही, महंगाई को नियंत्रित करने और निवेश को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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आने वाले दिनों में जीएसटी परिषद की बैठक में संभावित टैक्स कटौती को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।