रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के बैंक खाते से फर्जी चेक के जरिये 31 लाख रूपये निकाल लिए गए और न तो बैंक प्रबंधन को इसका पता चला और न ही कंपनी के अफसरों को। बैंक प्रबंधन के मुताबिक यह रकम चंदन कुमार दास और अमित महतो के खातों में ट्रांसफर की गई है, वहीं अफसरों का कहना है कि इन व्यक्तियों से कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है।

दरअसल छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी का खाता बैंक ऑफ इंडिया की रजबंधा मैदान स्थित शाखा में है, जहां से चेक बुक जारी की गई थी। यहां से 17 चेक के जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए, उनकी मूल प्रतियां अब भी कंपनी के पास सुरक्षित हैं। फर्जीवाड़ा यह है कि जिन चेक से राशि ट्रांसफर हुई, उन पर “छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड” लिखा हुआ था, जबकि असली खाता “छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड” के नाम पर है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन ने रकम ट्रांसफर कर दिए।

मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है। जहां विद्युत मंडल सेवा भवन से कंपनी के प्रबंधक ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस घोटाले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम कैसे ट्रांसफर हुई।

खुलासा होने पर कंपनी प्रबंधन ने किया सचेत

कंपनी के अफसरों ने बताया कि जब बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई तो पता चला कि कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने उन चेक की पड़ताल की, जिनके जरिए पैसे ट्रांसफर हुए थे। जांच में पता चला कि वे चेक असली नहीं थे, बल्कि उनमें कंपनी का नाम तक गलत प्रिंट था। इसका खुलासा होते ही कंपनी के अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने को कहा।

जिस तरह से यह घोटाला हुआ है उससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसमें कंपनी और बैंक के स्टाफ की भी मिलीभगत होगी, अन्यथा एक-एक कर 17 चेक का इस्तेमाल करके 31 लाख रूपये यूं ही नहीं निकाले जा सकते।

बहरहाल पुलिस और बैंक अधिकारी इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही जालसाज पुलिस की गिरफ्त में होंगे।