नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2013 के नियमों में संशोधन करते हुए यह निर्णय लिया है कि अब अदालत की रजिस्ट्री और कार्यालय हर शनिवार खुले रहेंगे। इसके तहत 14 जुलाई 2025 से सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री और अन्य कार्यालय हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे।

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। पहले सुप्रीम कोर्ट के कार्यालय शनिवार को बंद रहते थे।

संविधान के अनुच्छेद 145 के तहत लिया गया निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने यह संशोधन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 145 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए किया है। संशोधन के तहत न सिर्फ रजिस्ट्री कार्यालय अब शनिवार को कार्यरत रहेंगे बल्कि यह भी स्पष्ट किया गया है कि अदालत के आंशिक कार्यदिवसों और कार्यालयों की छुट्टियों की संख्या चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) द्वारा तय की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब यह छुट्टियां 95 दिन से अधिक नहीं होंगी, जो पहले 103 दिन होती थीं।

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आम जनता के लिए गाइडेड टूर की सुविधा भी शुरू

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आम लोगों के लिए गाइडेड टूर की सुविधा भी शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट के गाइडेड टूर कार्यक्रम के तहत कुछ विशेष दिनों में आम नागरिक अदालत परिसर का भ्रमण कर सकते हैं और सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली के बारे में जान सकते हैं। पहला ऐसा गाइडेड टूर 3 नवंबर 2018 को आयोजित किया गया था।

न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की कोशिश

बढ़ती न्यायिक लंबित मामलों के दबाव को देखते हुए यह निर्णय काफी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2022 में तत्कालीन कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सुप्रीम कोर्ट में अवकाश की अधिक संख्या पर सवाल उठाया था और कहा था कि इससे न्याय की प्रतीक्षा कर रहे आम लोगों को परेशानी होती है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का वर्तमान भवन 1958 में बनकर तैयार हुआ था, जिसकी आधारशिला 1954 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने रखी थी।

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