टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश में एक सरकारी अफ्सर का कमरा 11 साल से बंद पड़ा था। इस कमरे को हालही में खोला गया, तो वहां एक अटैची से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट मिले।

यह मामला उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से सामने आया है, जहां जिला अस्पताल परिसर में स्थित एक पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के बंद आवास से 22 लाख रुपए बरामद किए गए लेकिय यह पूरी राशि 500 और 1000 के पुराने नोट थे। यह रकम 2016 में हुई नोटबंदी के बाद भी बिना बदले हुई अवस्था में बतामद की गई है।

खंडहर हो चुका था CMO का कमरा

CMO का कमरा पूरी तरह से खंडहर बन चुका था, दीवारों की पपड़ी तक गिर रही थी, फर्श उखड़ चुका था, लेकिन कोने में रखी वह अटैची
भ्रष्ट अधिकारी को राज़ अपने साथ लिए बमद पड़ी रही।

अटैची में रखे गए उन पुराने नोटों का अब कोई मोल नहीं, लेकिन ये वही पैसे हैं जो कभी ‘ऊपरी आमदनी’ के रूप में किसी भ्रष्ट अधिकारी की अलमारी में छुपाए गए थे।

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व्यंग्य बना सत्य

इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ दी हैं। किसी की मेहनत की कमाई अब ‘रद्दी’ होकर बेकार पड़ी है। इस घटना के बाद “मर गया अफसर, जिंदा रही रिश्वत” यह पंक्ति अब सिर्फ व्यंग्य नहीं, एक कटु यथार्थ बन चुकी है।