टीआरपी डेस्क। CG News : बस्तर जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील की गंभीर अनियमितताओं ने शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मध्याह्न भोजन को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बकावंड विकासखंड स्थित माध्यमिक शाला उलनार में हुए निरीक्षण ने खामियों की पोल खोल दी।
शिक्षा विभाग की जांच टीम जब मौके पर पहुंची, तो पाया कि बच्चों को जो भोजन दिया जा रहा था, वह न केवल गुणवत्ता से परे था, बल्कि पोषण के बुनियादी मानकों को भी पूरा नहीं करता था। आलू-बड़ी की सब्जी में न तेल था, न मसाले, और कई दिनों से बिना प्याज वाली सब्जी दी जा रही थी।
बच्चों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने कभी अचार और पापड़ चखने तक की कल्पना नहीं की थी। कुछ ने यहां तक कहा कि उन्हें आज तक स्कूल में भरपेट भोजन नहीं मिला।
CG News : स्कूल रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां सामने आईं। 6 सितंबर के बाद से मिड डे मील का किसी भी शिक्षक द्वारा स्वाद परीक्षण नहीं किया गया था, जबकि नियमों के अनुसार भोजन परोसने से पहले किसी शिक्षक को खाना चखना और उसका रिकॉर्ड दर्ज करना अनिवार्य है।
स्कूल परिसर की हालत भी चिंताजनक पाई गई। चारों ओर उगी घास और गंदगी ने यह साफ कर दिया कि न सिर्फ बच्चों के खान-पान बल्कि उनकी सुरक्षा को लेकर भी घोर लापरवाही बरती जा रही थी।
इन गंभीर लापरवाहियों पर अब शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बीईओ डेसनाथ पांडे, बीआरसी सोनसिंह बघेल, संकुल समन्वयक पवन कुमार समरथ, प्रधान पाठक सुनीता कश्यप, शिक्षिका अलका कुरुवंशी, पदमा कश्यप और विमला झलके पर वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया है।



