टीआरपी। Chaitanya Devi jhanki : शारदीय नवरात्रि में इन दिनों देशभर में श्रद्धा उल्लास का माहौल छाया है। कहीं रामलीला चल रही है तो कहीं विविध पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का मन मोह रही है। ऐसी ही एक जीवंत झांकी नवा रायपुर, सेक्टर 20 अटल नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में आकर्षण का केंद्र है। यहां नौ देवियों की चैतन्य झांकी बनाई गई है। नौ ब्रम्हाकुमारी बहनों ने देवी दुर्गा का विविध रूप धारण किया है। वे बिना पलक झपकाए मंच पर देवी बनकर विराजित हैं, जीवंत झांकी देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है।

दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ


चैतन्य झांकी शुभारंभ ब्रिगेडियर तेजिन्दर सिंह बावा (सेना मेडल), कुकी बावा, ट्रीपल आई टी के डायरेक्टर ओ.पी. व्यास, जिन्दल स्टील एण्ड पावर कम्पनी के प्रेसीडेन्ट प्रदीप टण्डन, जीएसटी के असिस्टेण्ट कमिश्नर शैलेन्द्र पाटले, ब्रह्माकुमारी सविता दीदी और रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित कर किया। चैतन्य झांकी का अवलोकन करने के बाद ब्रिगेडियर तेजिन्दर सिंह बावा ने कहा कि यहां आकर बहुत ही शान्ति की अनुभूति हुई। यह बहुत ही शान्त एवं शिक्षाप्रद जगह है। शान्ति शिखर का अवलोकन कर वह स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।

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शान्ति और आध्यात्मिक जागृति का केन्द्र


जिन्दल स्टील एण्ड पावर कम्पनी के प्रेसीडेन्ट प्रदीप टण्डन ने कहा कि यह गहन शान्ति और आध्यात्मिक जागृति का केन्द्र है। झाँकी में राजयोग साधनारत ब्रह्माकुमारी बहनें जब अपलक देवियों के रूप में विराजित होती हैं तो यह निर्णय करना मुश्किल हो जाता है कि यह सजीव हैं या जड़ मूर्तियां।

आकर्षक और मनभावन


मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कहा कि यह बहुत ही आकर्षक और मनभावन है। इसे देखकर असीम आनन्द की अनुभूति हुई। पिछले जन्म के सुकर्मो का फल है जो उन्हें जागृत देवियों के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। स्टेट जी.एस.टी. के सहायक कमिश्नर शैलेन्द्र पाटले ने कहा के ब्रह्माकुमारी बहनों को देवियों के रूप में मूर्तिमान देखकर सचमुख अनोखा अनुभव हुआ। यह मनमोहक और दर्शनीय है।

झाँकी में संगीतमय कमेन्ट्री


रायपुर केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बताया कि सेक्टर-20 में इमर्सिव डोम थियेटर के निकट सजाई गई यह झाँकी दशहरा के दिन तक अर्थात 2 अक्टूबर तक रहेगी तथा इसे देखने का समय प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक रखा गया है। झाँकी में संगीतमय कमेन्ट्री के माध्यम से विशाल मंच पर विराजित शिवशक्तियों -मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, काली, गायत्री वैष्णो देवी, मीनाक्षी, सन्तोषी माता और उमादेवी की महिमा का लाइट एण्ड साउण्ड के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केन्द्र होती है।

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