सरगुजा। रखरखाव के अभाव में अंबिकापुर की सड़कों की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। बड़े-बड़े गड्ढों से सजी सड़कें न केवल वाहन चालकों के लिए, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी खतरे का सबब बन चुकी हैं। जर्जर सड़कों पर उड़ती धूल से जहां एक ओर लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर छठ पर्व की तैयारी में जुटे व्रती भी इस समस्या से जूझेंगे।

छठ पर्व, जो कि आस्था का महापर्व है, शनिवार से शुरू हो चुका है और इस पर्व की चार दिवसीय प्रक्रिया में व्रती कठिन तपस्या करते हैं। रविवार को घाटबंधान की प्रक्रिया के बाद व्रती शहर के विभिन्न घाटों की ओर प्रस्थान करेंगे। इन घाटों तक पहुंचने के लिए उन्हें जर्जर सड़कों का सामना करना पड़ेगा। जिनमें से कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। ऐसी सड़कों पर गुजरना व्रतियों के लिए असहन्य हो सकता है।

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जर्जर सड़कों को लेकर अनोखा प्रदर्शन

अंबिकापुर के शंकर घाट के पास सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने जर्जर सड़कों को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य शहर की सड़कों की खराब स्थिति और छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को उजागर करना था। प्रदर्शनकारियों ने इस मार्ग की स्थिति को लेकर प्रशासन की उपेक्षा का विरोध किया, क्योंकि बरसात के बाद सड़कों के मरम्मत का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल सड़कों की मरम्मत का मुद्दा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है।