टीआरपी। Indians dominate Britain, which rules India: अंग्रेजों ने लगभग 250 साल तक भारतीयों को गुलाम बनाकर भारत में राज किया है। लेकिन, वर्तमान दौर में ब्रिटेन में विविध क्षेत्रों में भारतीयों का दबदबा है। भारत से ब्रिटेन में जाकर बसने वाले ज्यादातर भारतीय अनेक व्यवसायों में अव्वल है और निरंतर प्रगति कर रहे हैं। यह कहना है लंदनवासी प्रवासी छत्तीसगढ़िया मनीष तिवारी का।
राजधानी रायपुर में राज्य सरकार ने प्रवासी छत्तीसगढ़ी सम्मान से मनीष तिवारी को सम्मानित किया है। वैभव प्रकाशन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवासी मनीष तिवारी ने कहा कि भले ही अंग्रेजों ने भारत पर ढ़ाई सौ साल तक राज किया हो लेकिन आज उनके देश ब्रिटेन में भारतीयों का हर क्षेत्रों में दबदबा है। इंग्लैंड में भारतीय लोगों के जाने की शुरुआत द्वितीय विश्वयुद्ध के तत्काल बाद हुई, जब उस देश को बहुत नुकसान हुआ था और उसके पुनर्निर्माण के लिए उसे लोगों की ज़रूरत थी । तब पहली बार बड़ी संख्या में भारतीय लोग वहाँ कामगार के रूप में गए ।
भारतीयों का दूसरी बार बड़ी संख्या में जाना पिछली शताब्दी के सातवें दशक में हुआ। जब अफ्रीकी देश युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन ने वहाँ रहने वाले भारतीयों का देश निकाला कर दिया था । तीसरी बार भारत से लोगों का ब्रिटेन जाना मनमोहन सिंह की उदारवादी वैश्विक नीतियों के परिणाम स्वरूप हुआ। अभी कुछ वर्ष पहले जब ब्रिटेन में भारतवंशी ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने तब भारत से बहुत से लोगों ने ब्रिटेन जाना शुरू किया।
उल्लेखनीय है कि मनीष का जन्म रायपुर में हुआ था और उन्होंने रांची से बी ई और मुद्रा इंस्टिट्यूट अहमदाबाद से एम बी ए की पढ़ाई की । पिछले पच्चीस सालों से वे लंदन में रह रहे है, जहाँ विज्ञापन और मीडिया के क्षेत्र में एक सफल स्थापित उद्यमी हैं ।
सम्मान कार्यक्रम में राज्य पुरस्कार से अलंकृत प्रो चितरंजन कर और राकेश तिवारी को भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा संकेत ठाकुर ने की । इस अवसर पर इतिहासकार डा. रमेन्द्र नाथ मिश्र, साहित्यकार गिरीश पंकज , रामेश्वर शर्मा , अशोक तिवारी , सुधीर शर्मा, शकुंतला तरार, जसवंत क्लाडियस सहित प्रवासी छत्तीसगढ़ी बंधुत्व मंच के सदस्य आदि शामिल रहे।


