टीआरपी डेस्क। वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त कर 30 या 40 की उम्र में रिटायरमेंट लेना अब असंभव नहीं रहा। FIRE यानी Financial Independence, Retire Early मॉडल इसी लक्ष्य को हासिल करने की प्रभावी रणनीति है। यह मॉडल उच्च बचत दर और समझदारी भरे निवेश के माध्यम से कम समय में पर्याप्त कोष तैयार करने पर आधारित है।
FIRE मॉडल क्या है
FIRE का पूरा नाम Financial Independence, Retire Early है। इसका मूल सिद्धांत है कि व्यक्ति अपनी आय का 50 से 70 प्रतिशत हिस्सा बचत एवं निवेश में लगाए ताकि कुछ वर्षों में इतना कोष तैयार हो जाए कि आगे नौकरी की आवश्यकता न रहे। शेष आय न्यूनतम एवं आवश्यक खर्चों के लिए उपयोग की जाती है।
कार्यप्रणाली
उच्च बचत दर: सामान्य व्यक्ति आय का 20 से 30 प्रतिशत बचत करता है जबकि FIRE अनुयायी 50 प्रतिशत से अधिक बचत करते हैं। इसके लिए सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाई जाती है तथा अनावश्यक व्यय पूर्णतः नियंत्रित किए जाते हैं।
स्मार्ट निवेश: बचत को म्यूचुअल फंड, सिप, इक्विटी, रियल एस्टेट जैसे उच्च प्रतिफल वाले विकल्पों में लगाया जाता है। कंपाउंडिंग की शक्ति से कोष तेजी से बढ़ता है।
25x नियम
रिटायरमेंट के बाद वार्षिक व्यय का 25 गुना कोष तैयार करना FIRE का आधारभूत नियम है। उदाहरण के लिए यदि वार्षिक खर्च 6 लाख रुपये है तो 1.5 करोड़ रुपये का कोष पर्याप्त माना जाता है। इस कोष से सुरक्षित निकासी दर 4 प्रतिशत सालाना रखी जाती है जो मुद्रास्फीति को भी ध्यान में रखती है।
अतिरिक्त आय स्रोत
सैलरी के अलावा फ्रीलांसिंग, ब्लॉगिंग, यूट्यूब, किराया आय तथा डिविडेंड जैसे निष्क्रिय आय स्रोत विकसित किए जाते हैं। इससे बचत दर बढ़ती है और लक्ष्य शीघ्र प्राप्त होता है।
कौन अपनाए FIRE
यह मॉडल अनुशासित एवं दीर्घकालिक योजना बनाने वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है। विशेष रूप से युवा पेशेवर, आईटी कर्मचारी तथा उच्च आय वर्ग के लोग इसे सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं। भारत में भी FIRE समुदाय तेजी से बढ़ रहा है जहां लोग 35 से 45 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट ले रहे हैं।
FIRE मॉडल न केवल वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करता है बल्कि जीवन में स्वतंत्रता एवं उद्देश्यपूर्ण कार्य की संभावना भी खोलता है।


