टीआरपी डेस्क। आधार पहचान प्रणाली लागू होने के बाद अब तक करीब 34 लाख आधार कार्ड धारक मृत पाए गए हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को दी है।

यूआईडीएआई के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लगभग 13 लाख ऐसे व्यक्ति भी थे जिनके पास आधार कार्ड नहीं था, लेकिन अब उनकी मृत्यु हो चुकी है। यह जानकारी बुधवार को आयोजित बैठक में दी गई, जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और यूआईडीएआई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का आयोजन मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत किया गया था।

इस अभियान का उद्देश्य मृत, फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध बनाना है। आयोग ने निर्देश जारी किया है कि यदि किसी आवेदक का नाम ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ा पाया जाता है, जिसका रिकॉर्ड आधार डेटाबेस से हटाया जा चुका है, तो संबंधित अधिकारी उसे सत्यापन के लिए बुला सकते हैं।

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अधिकारियों ने बताया कि चूंकि अधिकांश आधार नंबर बैंक खातों से जुड़े हैं, इसलिए बैंकों से भी उन खातों की जानकारी मांगी जा रही है जिनमें लंबे समय से केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है। इस प्रक्रिया के माध्यम से मृत व्यक्तियों के नामों को मतदाता सूची से हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।