कोरबा/कटघोरा। भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी से भाजपा नेता की पूर्व में विवाद भी हुआ था। पिछले एक सप्ताह से आरोपी हत्या की फिराक में थे और दो बार वे असफल भी हो चुके थे।
राजनैतिक रंजिश और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता बनी हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शुक्ला ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद ने राजनैतिक रंजिश और इलाके में अपना वर्चस्व कम होने तथा व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता के चलते भाजपा नेता की हत्या की है।भाजपा नेता और मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद के बीच पूर्व में हाथपाई भी हो चुकी हैं। आरोपियों ने एक हफ्ते में पहले भी दो बार भाजपा नेता की हत्या के लिए घात लगाया था पर वह असफल रहे थे।
सुबह के वक्त किया था हमला
कटघोरा के कारखाना मोहल्ला निवासी अक्षय गर्ग (49) पिता राधेश्याम गर्ग जनपद सदस्य और भाजपा नेता थे। वे पूर्व में जनपद उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। साथ ही वे ठेकेदारी भी करते थे। सुबह वे अपनी इनोवा गाड़ी से कटघोरा से 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम केसलपुर गए हुए थे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का ठेका लिया हुआ था। जिसके निरीक्षण के लिए वे गए थे। जैसे ही वे सुबह दस बजे साइट पहुंचे और गाड़ी से उतरे पीछे से एक सफेद कार में सवार चार हमलावर आए और उनमें से दो कुल्हाड़ी और चाकू लेकर उतरे तथा अक्षय गर्ग पर ताबड़तोड़ वार कर फरार हो गए।
इस हमले से बचने का अक्षय गर्ग ने प्रयास भी किया, जिसके चलते उनके हाथ की उंगली कट कर अलग हो गई। यह हमला मजदूरों के सामने ही हुआ। जिस समय हमला हुआ उस समय सड़क निर्माण में लगे मजदूर वहां उपस्थित थे। मजदूरों की उपस्थिति का भी डर हमलावरों को नहीं था। हमला कर हमलावर कार से फरार हो गए। मजदूरों ने डायल 112 को बुलवाकर अक्षय अग्रवाल को अस्पताल पहुंचाया पर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
वारदात के तत्काल बाद जांच में जुटी पुलिस
हमले की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने जमा हो गए। व्यापारियों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी और घटना का विरोध जताया। घटना की सूचना मिलने पर कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी के अलावा रेंज आईजी संजीव शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए थे। तत्काल जिले भर में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। देर रात होते–होते घटना में प्रयुक्त कार पुलिस ने बरामद कर ली। आज मृतक अक्षय गर्ग का बड़े ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
अक्षय गर्ग की पत्नी का नाम संगीता गर्ग हैं। उनकी एक पुत्री नैना पुणे में बीसीए की पढ़ाई कर रही हैं और बेटा आयुष्मान आठ साल का है। बेटी पिता की हत्या की सूचना पाकर देर रात तक घर पहुंच गई थी। वही उनका भाई अभय गर्ग भी ठेकदारी में उनकी मदद करता था।
इस तरह वारदात को दिया अंजाम
मिर्जा मुश्ताक अहमद पिता महमूद अहमद उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम मलदा घटना का मुख्य आरोपी है। हत्या की बनाई योजना और पहला वार किया। विश्वजीत ओग्रे पिता स्व. नागेन्द्र ओग्रे उम्र 21 वर्ष निवासी सिघिया कोरबी ने मिर्जा मुश्ताक का मुख्य सहयोगी है। इसी ने टंगिया से अक्षय गर्ग के सिर पर जानलेवा वार किया।उधर गुलशन दास पिता त्रिभुवन दास उम्र 26 वर्ष निवासी मलदा द्वारा मृतक अक्षय गर्ग की रेकी की जा रही थी और वह जानकारी मुश्ताक को दे रहा था। इनके अलावा विधि से संघर्षरत एक किशोर भी हत्याकांड में शामिल रहा।
आरोपी मिर्जा मुश्ताक अहमद क्षेत्र में ठेकेदारी का काम करना चाहता था किंतु मृतक अक्षय गर्ग के प्रभाव से आरोपी उक्त क्षेत्र मे ठेका नहीं ले पा रहा था।
वहीं जनपद पंचायत चुनाव में मृतक अक्षय गर्ग एवं आरोपी मिर्जा मुश्ताक अहमद के बीच सीधी चुनावी टक्कर थी, इस दौरान दोनों के बीच वाद–विवाद भी जमकर हुआ था। हत्या के पीछे चुनावी रंजिश को भी बड़ा कारण माना जा रहा है।
आरोपी मिर्जा मुश्ताक अहमद ने सड़क निर्माण में अनियमितता पर निगरानी रखने के लिए प्रगति पथ संस्था बनाया था। इसी के जरिए वह निर्माण कार्य में गुणवत्ता में खराबी की शिकायत भी करवाता था।
मृतक अक्षय गर्ग क्षेत्र क्रमांक 18 बिंझरा जनपद मे चुनाव जाने के पश्चात आरोपी मिर्जा मुश्ताक अहमद का उस क्षेत्र से सामाजिक प्रभाव में कमी आई। जिसके चलते उसने अक्षय गर्ग को खत्म करने का षड्यंत्र रच डाला।
कार और हथियारों की हुई जब्ती
विवेचना के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की टंगिया, लोहे का चापड़, चार पहिया वाहन (क्रमांक CG 12 BF 4345), घटना समय पहने कपड़े, मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्य जप्त किए गए हैं। उक्त प्रकरण में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिन्हे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।



