टीआरपी। Ordinary people are facing power cuts : प्रदेश में पहले प्रत्येक उपभोक्ता को 400 यूनिट तक बिजली बिल में हाफ बिल की छूट मिलती थी। इसे घटाकर भाजपा सरकार ने पहले 100 यूनिट तक सीमित किया। विरोध होने पर लॉलीपॉप देते हुए इसे 200 यूनिट कर दिया। इसके बावजूद आम जनता को दुगना बिजली बिल देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। एक तरह से आम जनता की बिजली कट रही है और दूसरी ओर पूंजीपति तथा सरकारी विभागों में बिजली बिल का करोड़ों रुपये बकाया है, उस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि आम जनता को राहत नहीं दी गई तो इसके खिलाफ आम आदमी पार्टी आंदोलन पर उतर आएगी। यह चेतावनी आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दी है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने साय सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार का नैतिक दायित्व होता है कि सरकार उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। सरप्लस बिजली उत्पादन वाले राज्य में भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर(प्रीपेड मीटर) के माध्यम से बिजली काट रही है। वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सरकार जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है क्योंकि पूंजीपतियों व सरकारी विभाग के बकाया बिल करोड़ो में होने के बावजूद उन्हें बिजली आपूर्ति में कोई तकलीफ नही है लेकिन आम जनता के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। साथ ही आपातकालीन एवं नए कनेक्शन जैसे कार्यों के निविदा प्रक्रिया कों अचानक से बदलकर अव्यवहारिक और जटिल नियमो के साथ-साथ निविदा की दर सरकार खुद ही तय कर रही हैं।
जायसवाल का कहना है कि 5767 पूँजीपतियों से 119 करोड़ का बकाया बिल बिजली विभाग वसूल नहीं कर पा रहा है। 34 सरकारी विभागों पर 31 सौ करोड़ का बिजली बिल सालों से बकाया है। लेकिन, गरीब जनता के कुछ सौ रुपये बकाया बिल पर कनेक्शन काटकर अँधेरे मे रहने को विवश किया जा रहा है। भाजपा की साय सरकार गरीब, किसान, मज़दूर विरोधी हो चुकी है।
आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि जनता के बिजली कनेक्शन न काटे। विभाग को नुकसान पहुंचाने वाले टेंडर को वापस ले, अन्यथा आम आदमी पार्टी प्रदेशभर मे आंदोलन करेंगी।


